दिल्ली हाई कोर्ट ने कॉक्रोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास की निजता के उल्लंघन के आरोपों पर अभिजीत अयर मीत्रा और कई सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म को जवाब देने का नोटिस जारी किया। कोर्ट ने X और गूगल को भी सामग्री हटाने का आदेश देने की संभावनाएँ जताई।

  • सौरव दास ने निजी पता उजागर करने का आरोप लगाया
  • अभिजीत अयर मीत्रा एवं X, गूगल को नोटिस मिला
  • अगली सुनवाई 14 सितंबर को निर्धारित

मामले की पृष्ठभूमि

दिल्ली हाई कोर्ट ने 24 अगस्त 2026 को अभिजीत अयर मीत्रा, लोकप्रिय राजनीतिक टिप्पणीकार, और कई प्रमुख मीडिया पोर्टलों को सौरव दास द्वारा दायर गोपनीयता याचिका में जवाब देने का आदेश दिया। दास, जो कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता हैं, ने दावा किया कि उनका निवास पता और व्यक्तिगत जानकारी उनकी सहमति के बिना सार्वजनिक कर दी गई।

अभियोजन और याचिका की माँगें

सौरव दास ने अदालत से स्थायी और अनिवार्य आदेश की माँग की, जिससे उत्तरदायी पक्ष उनके घर का पता, परिवार की जानकारी और यहाँ तक कि उनकी यौनिकता जैसी संवेदनशील जानकारी प्रकाशित न कर सकें। उन्होंने वीडियो और पोस्ट हटाने, तथा सार्वजनिक पहुंच को प्रतिबंधित करने की भी याचिका दायर की।

न्यायिक कार्यवाही

जस्टिस सचिन दत्ता ने अभिजीत अयर मीत्रा, X (पूर्व में ट्विटर), गूगल और कई ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म को समन जारी किया। सुनवाई के दौरान अदालत को सूचित किया गया कि X ने दास के पते को उजागर करने वाले पोस्ट हटा दिए हैं। अगले चरण की सुनवाई 14 सितंबर को निर्धारित है।

क्यों यह महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि डिजिटल युग में व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा एक मौलिक अधिकार बन गया है, और इस तरह के मामलों में न्यायालय की कार्रवाई सार्वजनिक भरोसे को पुनर्स्थापित कर सकती है।

"डेटा गोपनीयता के उल्लंघन से न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा बल्कि लोकतांत्रिक संवाद भी खतरे में पड़ता है," कहा डेटा सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. रीता शर्मा।
Did You Know?: 2020 में भारत ने अपने प्रथम डेटा संरक्षण विधेयक को संसद में पेश किया, लेकिन अभी तक इसे कानून नहीं बनाया गया है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या अभिजीत अयर मीत्रा ने इस मामले में कोई आपराधिक दायित्व स्वीकार किया है?

उत्तर: नहीं, अभी तक कोई स्वीकारोक्ति नहीं हुई है; मामला अभी सुनवाई के चरण में है।

प्रश्न 2: X और गूगल को सामग्री हटाने का आदेश कब तक लागू होगा?

उत्तर: अदालत ने अभी तक अंतिम आदेश नहीं दिया है; अगले सुनवाई में यह तय होगा।