दिल्ली में 1.45 करोड़ मतदाता सूची के विशेष तीव्र पुनरावृत्ति (SIR) का एंट्रीकरण 17 अगस्त को समाप्त हुआ। 97.5 लाख नाम ड्राफ्ट रोल में रहेंगे, जबकि 47.5 लाख नामों को हटाया जा सकता है और 33 लाख को दस्तावेज़ सत्यापन करना पड़ेगा।

  • ड्राफ्ट रोल में 67% मतदाता शामिल
  • 32.8% नाम ASDDO वर्ग में हटाए जाएंगे
  • 33 लाख मतदाता को दस्तावेज़ सत्यापन की आवश्यकता

दिल्ली में विशेष तीव्र पुनरावृत्ति (Special Intensive Revision – SIR) का एंट्रीकरण चरण 17 अगस्त को दो बार की विस्तार के बाद समाप्त हो गया। इस प्रक्रिया के बाद 31 अगस्त को ड्राफ्ट रोल प्रकाशित किया जाएगा, जिसमें 97.5 लाख नाम शामिल होंगे।

कुल 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 67.2% के फ़ॉर्म एकत्र, डिजिटाइज़ और सत्यापित हो चुके हैं। इनमें 33 लाख से अधिक मतदाता ऐसे हैं जिनकी जानकारी या तो पुरानी रोल से मैप नहीं हुई या असामान्यताओं के कारण उन्हें दस्तावेज़ सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा।

शेष 47.56 लाख नाम ‘Absent, Shifted, Dead, Duplicate और Others’ (ASDDO) के रूप में वर्गीकृत किए गए हैं और इस चरण में ड्राफ्ट रोल में नहीं दिखेंगे। इन लोगों को आगे के चरण में पुनः विचार के लिए अवसर नहीं मिलेगा।

ड्राफ्ट रोल में कौन दिखेगा? केवल वे मतदाता जिनके फ़ॉर्म BLO द्वारा डिजिटल रूप में सत्यापित हुए हैं। रोल ऑनलाइन खोज योग्य होगा और मतदाता EPIC नंबर से अपनी प्रविष्टि देख सकेंगे। मैप्ड और अनमैप्ड दोनों प्रकार के मतदाता शामिल हैं, बशर्ते फ़ॉर्म सही ढंग से जमा किया गया हो।

कौन नहीं दिखेगा? ASDDO वर्ग में आए 47.56 लाख मतदाता। उनके फ़ॉर्म को "uncollectable" चिह्नित किया गया है और इस चरण में कोई व्यक्तिगत नोटिस नहीं मिलेगा।

यदि आपका नाम ड्राफ्ट रोल में नहीं दिखता, तो आपको ASDDO सूची देखनी चाहिए, जो ड्राफ्ट रोल से कुछ दिन पहले प्रकाशित होगी। इस सूची में हटाए जाने का कारण भी दर्शाया जाएगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

SIR प्रक्रिया पहली बार 2002 में लागू हुई थी, जिसका उद्देश्य मौजूदा मतदाता सूची को साफ‑सुथरा बनाना और डुप्लिकेट तथा मृत मतदाताओं को हटाना था। दिल्ली ने 2002 के बाद से कई बार पुनरावृत्ति की है, लेकिन 2026 की इस प्रक्रिया में सबसे अधिक नाम हटाए जाने की संभावना है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that Delhi’s unprecedented shrinkage in the draft roll could set a new benchmark for electoral clean‑ups across Indian metros, influencing voter confidence and party strategies ahead of the 2026 general elections.

“वोटर सूची का सटीक होना लोकतंत्र की नींव है, और इस बार की व्यापक सफ़ाई इसे और मजबूत करेगी,” कहती हैं चुनाव विशेषज्ञ डॉ. रिंधु वर्मा।
Did You Know?: दिल्ली ने 2002 के बाद से केवल दो बार SIR प्रक्रिया को दोहराया है, 2016 और 2026 में।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: यदि मुझे सत्यापन नोटिस मिला तो मुझे क्या करना चाहिए?
उत्तर: आपको 31 अगस्त से 29 अक्टूबर के बीच अपने निर्वाचन क्षेत्र के ERO या AERO के सामने दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे।

प्रश्न 2: क्या मैं अपनी नाम हटाने के खिलाफ अपील कर सकता हूँ?
उत्तर: हाँ, ASDDO सूची प्रकाशित होने के बाद आप अपील फ़ॉर्म भरकर संबंधित अधिकारियों को जमा कर सकते हैं।