विज़ाक्पट्नम में जिला कलेक्टर एम. अभिषिक्त किशोर ने सभी विभागीय प्रमुखों को iGOT कर्मयोगी ऑनलाइन कोर्स पूरा करने, शिकायतों का त्वरित निपटान करने और नेत्र दान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए नई दिशाएँ दीं। यह कदम प्रशासनिक दक्षता और सामाजिक उत्तरदायित्व को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखता है।
- सभी सरकारी कर्मचारियों को iGOT कर्मयोगी कोर्स पूरा करना अनिवार्य
- 305 शिकायतों का त्वरित निपटान, विशेष रूप से आयकर और नगरपालिका विभागों में
- 41वें राष्ट्रीय नेत्र दान फोर्टनाइट के लिए जनजागरूकता अभियान शुरू
विज़ाक्पट्नम के जिला कलेक्टर एम. अभिषिक्त किशोर ने इस सोमवार को सार्वजनिक शिकायत निपटान प्रणाली (PGRS) के साप्ताहिक सत्र के बाद कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिया कि वे अपने अधीनस्थों को केंद्र सरकार के iGOT कर्मयोगी ऑनलाइन प्रशिक्षण कोर्स पूरा करवाएँ, जिससे पेशेवर कौशल और सार्वजनिक सेवा की भावना मजबूत हो सके।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि प्रत्येक विभाग को कोर्स की प्रगति को ट्रैक करना होगा और अधूरे रह जाने वाले कर्मचारियों के साथ फॉलो‑अप करना अनिवार्य होगा। इस पहल का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को डिजिटल साक्षरता और नैतिक कार्यशैली से लैस करना है।
सत्र में कुल 305 याचिकाएँ दर्ज हुईं, जिनमें 25 आयकर विभाग, 73 ग्रेटर विज़ाक्पट्नम नगर निगम, 17 पुलिस विभाग और शेष 190 विभिन्न विभागों से थीं। जिला राजस्व अधिकारी एम. विश्वेश्वर नायडु तथा अन्य अधिकारियों ने इन याचिकाओं को प्राप्त करने में सहयोग दिया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सभी शिकायतों को बिना देरी के हल किया जाए, आवर्ती समस्याओं के लिये स्थायी समाधान निकाला जाए और कार्रवाई की स्थिति को पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट किया जाए।
नेत्र दान कार्यक्रम के संदर्भ में, 41वें राष्ट्रीय नेत्र दान फोर्टनाइट (25 अगस्त से 8 सितंबर) के आगमन से पहले कलेक्टर ने एक जागरूकता पोस्टर जारी किया और अधिकारियों को नेत्र दान के बारे में मौजूद मिथकों को दूर करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि एक दाता की आँखें दो लोगों की दृष्टि बहाल कर सकती हैं और परिवारों को दाता के इच्छाओं को पहले से जानने के लिए प्रेरित किया।
सत्र के दौरान कलेक्टर को चिप्पड़ा गांव (भीमिली मंडल) के दिव्यांग नागरिक रामबाबु और उनके माता‑पिता ने संपर्क किया। रामबाबु को वर्तमान में प्रतिदिन ₹6,000 पेंशन मिल रही है, जबकि उनके माता‑पिता, जो दैनिक मज़दूर हैं, ने बिस्तर पर रहने वाले वर्ग के तहत ₹15,000 की अतिरिक्त पेंशन की मांग की। कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि अधिकारी सीधे परिवार के घर जाकर इस मुद्दे को सुलझाएंगे।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that such integrated directives not only streamline administrative processes but also foster a culture of empathy and proactive governance, which can significantly improve citizen trust in public institutions.
"डिजिटल प्रशिक्षण और सामाजिक जागरूकता को मिलाकर सरकार की सेवा सशक्त बनती है," कहा प्रशासन विशेषज्ञ डॉ. रवींद्र कुमार ने।
Frequently Asked Questions
Q: iGOT कर्मयोगी कोर्स कब तक पूरा करना अनिवार्य है?
A: कलेक्टर ने सभी विभागों को अगले तीन महीनों के भीतर इस कोर्स को पूर्ण करने का निर्देश दिया है।
Q: नेत्र दान के लिए किन दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है?
A: पंजीकृत रक्तदान कार्ड, आधार कार्ड और परिवार की सहमति पत्र आवश्यक होते हैं।