विशेष तीव्र पुनरावलोकन (SIR) के बाद, यडगिर जिले की ड्राफ्ट मतदाता सूची में 1,89,233 नाम (कुल का 17.97%) नहीं शामिल किए गए। 82.03% एन्क्यूमरेशन फ़ॉर्म डिजिटल किए गए, जबकि शेष को विभिन्न कारणों से अस्वीकार किया गया।
- 1,89,233 मतदाता (17.97%) ड्राफ्ट सूची से बाहर
- कुल 10,53,236 में से 82.03% फ़ॉर्म डिजिटल हुए
- 67 AEROs ने सत्यापन अभियान में मदद की
यडगिर जिला प्रशासन ने विशेष तीव्र पुनरावलोकन (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की। इस घोषणा को सोमवार को उपायुक्त एवं जिला चुनाव अधिकारी राहुल पांडवे ने प्रेस मीट में किया।
कुल 10,53,236 पंजीकृत मतदाताओं में से 8,64,003 (82.03%) के एन्क्यूमरेशन फ़ॉर्म सफलतापूर्वक डिजिटल किए गए। शेष 1,89,233 नामों को अनुपलब्ध, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट या अन्य कारणों (ASDDO) के तहत सूचीबद्ध किया गया।
विस्तृत विभाजन से पता चलता है कि 1,16,937 मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित हुए, 29,026 मृत घोषित हुए, 22,507 डुप्लिकेट दर्जी, 17,306 अनुपलब्ध और 3,457 अन्य कारणों से फ़ॉर्म नहीं जुटा पाए।
| तालुका | कुल मतदाता | डिजिटल किए गए | असंकलित (%) |
|---|---|---|---|
| गुर्मितकाल | 1,34,694 | 1,04,356 | 22.52% |
| यडगिर | 2,34,192 | 1,87,454 | 19.96% |
| शाहपुर | 2,31,433 | 1,88,651 | 18.49% |
| शोरापुर | 2,09,476 | 1,75,390 | 16.27% |
| वडगेरा | 1,00,487 | 85,073 | 15.34% |
| हुंसगी | 1,42,954 | 1,23,079 | 13.90% |
सत्यापन अभियान में 12,264 नाम "नो मैपिंग" के तहत और 42,798 नामों में विसंगतियों की पहचान की गई, जिससे कुल 55,062 मतदाता "सत्यापन के अधीन" हो गए। इन ASDDO व्यक्तियों को नागरिकता एवं पहचान दस्तावेज़ प्रस्तुत करने का नोटिस जारी किया जाएगा, जो सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO) को देना होगा।
आवेदन जमा करने के लिए 67 AEROs को छह डेटा एंट्री ऑपरेटरों के साथ जिला भर में तैनात किया गया: शोरापुर (21), यडगिर (17), गुर्मितकाल (15) और शाहपुर (14)। अपील के लिए प्रथम अपील अधिकार के रूप में उपायुक्त तथा द्वितीय अपील अधिकार के रूप में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) उपलब्ध हैं।
SIR के बाद 28 नए मतदान केंद्र स्थापित किए गए, जिससे कुल मतदान केंद्रों की संख्या 1,134 से बढ़कर 1,162 हो गई। अतिरिक्त उपायुक्त रमेश कोलार और सहायक आयुक्त श्रीधर गोतुरे भी इस प्रक्रिया में उपस्थित थे।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the exclusion of nearly 18% of voters could influence upcoming electoral dynamics in Karnataka, potentially reshaping party strategies and voter outreach in the region.
"सटीक पंजीकरण और समय पर सत्यापन लोकतंत्र की नींव को मजबूत करता है," चुनाव विशेषज्ञ डॉ. सविता गुप्ता ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: इतने बड़े प्रतिशत में मतदाता क्यों बाहर रखे गए?
उत्तर: अधिकांश नाम एन्क्यूमरेशन फ़ॉर्म न मिलने या डुप्लिकेशन, मृत्यु, स्थानांतरण जैसी स्थितियों के कारण बाहर रखे गए।
प्रश्न 2: प्रभावित मतदाता अपनी सूची में पुनः शामिल होने के लिए क्या कर सकते हैं?
उत्तर: वे अपने स्थानीय AERO को आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत कर सकते हैं और यदि अस्वीकृति बनी रहे तो उपायुक्त और फिर मुख्य निर्वाचन अधिकारी से अपील कर सकते हैं।