उच्च न्यायालय के आदेश के बाद वन विभाग ने सिरसी तालुक़ में 110 एकड़ खाली वन भूमि को पुनः प्राप्त किया। यह क्षेत्र पहले कमधेनु सहकारी डेयरी एवं फल प्रसंस्करण सोसायटी को लीज़ पर दिया गया था, जिसकी मान्यता समाप्त हो चुकी थी।
- सिरसी तालुक़ में 110 एकड़ वन भूमि का पुनः अधिग्रहण।
- कर्नाटक हाई कोर्ट ने लीज़‑धारक की याचिका खारिज की।
- स्थानीय वन को मूल प्रजातियों से पुनर्स्थापित किया जाएगा।
कर्नाटक के उत्तरा कन्नड़ जिले के सिरसी तालुक़ में वन विभाग ने सोमवार को 110 एकड़ खाली वन भूमि को पुनः प्राप्त किया, जो पहले कमधेनु सहकारी डेयरी एवं फल प्रसंस्करण सोसायटी लिमिटेड (गोलोकत्ता) को लीज़ पर दी गई थी। यह कार्रवाई कर्नाटक हाई कोर्ट के आदेश के बाद की गई, जिसने सोसायटी द्वारा किया गया पुनः अधिग्रहण विरोधी याचिका खारिज कर दी।
सिरसी के उपसंरक्षक वन अधिकारी संदीप सूर्यवंशी ने बताया कि यह भूमि 389.07 एकड़ के बड़े लीज़ में से एक हिस्सा थी, जिसका लीज़ 1 दिसंबर 1989 को समाप्त हो गया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लीज़ समाप्त होने के बाद सोसायटी को भूमि पर कोई कानूनी अधिकार नहीं रहता।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
यह लीज़ मूलतः 2 दिसंबर 1969 को सरकारी आदेश के तहत 30 वर्ष के लिए प्रदान किया गया था। 1976 में राज्य सरकार ने इसे 20 वर्ष तक सीमित कर दिया, जिससे लीज़ की अवधि 1 दिसंबर 1989 को समाप्त हो गई। लीज़ समाप्त होने के बावजूद सोसायटी ने भूमि पर कब्ज़ा बनाए रखा, जिससे न्यायालय में याचिका दायर हुई।
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सचिन शंकर मगदूम ने 12 अगस्त को आदेश दिया कि सोसायटी का कोई वैध अधिकार नहीं है और वन विभाग को उचित प्रक्रिया के तहत पुनः अधिग्रहण करना चाहिए। इस निर्णय के बाद वन अधिकारियों और पुलिस ने स्थानीय निवासियों के साथ संवाद स्थापित किया, जो प्रारंभिक रूप से प्रतिरोध कर रहे थे।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that reclaiming such a large tract in the Western Ghats not only restores ecological balance but also sets a legal precedent for enforcing the Karnataka Forest Act, 1963, across the state.
"यह निर्णय कर्नाटक में समाप्त लीज़ वाले वन क्षेत्रों पर राज्य की अधिकारिता को मजबूत करता है," कानूनी विशेषज्ञ डॉ. रमेश कुमार ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या सभी 110 एकड़ तुरंत वन में बदल जाएंगे?
उत्तर: हाँ, वन विभाग ने मूल प्रजातियों की रोपाई और मिट्टी व जल संरक्षण कार्य शुरू कर दिए हैं।
प्रश्न 2: भविष्य में ऐसे लीज़ विवादों को कैसे रोका जा सकता है?
उत्तर: समय पर लीज़ की समाप्ति की सूचना और स्पष्ट सरकारी आदेशों से संभावित विवादों को कम किया जा सकता है।