काकीनाडा के एसपी जी. बिंधु माधव ने कहा कि असिस्टेंट इंजीनियर नूका राजु और उनके परिवार की मौतों में ‘लव जिहाद’ का कोई प्रमाण अभी तक नहीं मिला। आगे की जांच से यदि लिंक स्थापित हुआ तो सादिक खान पर अतिरिक्त आरोप लगाए जाएंगे।

  • काकीनाडा में परिवार की मौतों में ‘लव जिहाद’ का कोई प्रमाण नहीं मिला।
  • सादिक खान पर मौजूदा आरोपों में मजबूरन धर्म परिवर्तन, हत्या और जबरन वसूली शामिल हैं।
  • आगे की जांच से यदि लिंक स्थापित हुआ तो अतिरिक्त आरोप जोड़े जाएंगे।

घटना का विवरण

काकीनाडा के पुलिस अधीक्षक जी. बिंधु माधव ने 16 अगस्त को राजमहेंद्रवर्म में रोड-रिलेज ब्रिज से गोडावरी नदी में कूदते हुए असिस्टेंट इंजीनियर नूका राजु और उनके परिवार के सदस्यों की मौतों की जांच में ‘लव जिहाद’ का कोई संबंध नहीं मिला, यह बताया।

मौजूद आरोपों में सादिक खान को पीड़ित को दूसरे धर्म में बदलने, हत्या और जबरन वसूली के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। बिंधु माधव ने कहा, “यदि आगे की जाँच में ‘लव जिहाद’ का संबंध स्थापित होता है तो हम अतिरिक्त आरोप जोड़ेंगे।”

पृष्ठभूमि

सादिक खान के खिलाफ 17 जुलाई को सरपावारम पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 (1), 127 (3), 108 और 299 के तहत मामला दायर किया। यह मामला नूका राजु की बेटी सौजांया द्वारा छोड़ी गई आत्महत्या नोट के आधार पर था, जिसे उनका ससुर दोपहिए वाहन में पाया।

16 अगस्त को नूका राजु, उनकी पत्नी मीना, बेटी सौजांया और 10 साल के पोते ने ब्रिज से कूदकर नदी में गिर गए; पोता बच गया। सौजांया और सादिक खान दो साल से करीब रहे थे, और उनका परिवार इस रिश्ते से अवगत था। सौजांया के पति, जगदीश्वर रेड्डी की हत्या की जांच भी चल रही है।

सादिक खान की गिरफ्तारी

सादिक खान को 22 अगस्त को उत्तर प्रदेश के मेरठ में गिरफ्तार किया गया और बाद में काकीनाडा लाया गया। मेरठ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने ट्रांजिट वारंट जारी किया। काकीनाडा के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस एम. किशोर कुमार ने बताया कि खान के पास पाँच दिन के लिए केरल जाने की योजना थी, जिसे उसके दोस्तों के समर्थन से संभव बनाया गया।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the alleged “Love Jihad” narrative is being used politically across India, and each high‑profile case like this can inflame communal tensions, affect law‑enforcement credibility, and influence upcoming elections in Andhra Pradesh.

“यदि इस मामले में धार्मिक प्रेरित षड्यंत्र सिद्ध हो जाता है, तो यह सामाजिक तनाव को और बढ़ा देगा,” एक सामाजिक वैज्ञानिक ने कहा।
Did You Know?: भारत में “लव जिहाद” शब्द पहली बार 1990 के दशक में सामाजिक मीडिया पर लोकप्रिय हुआ, लेकिन इसका कोई कानूनी परिभाषा नहीं है।

Frequently Asked Questions

Q1: क्या सादिक खान को अभी भी जेल में रखा गया है?

A: हाँ, उन्हें काकीनाडा के उपजेल में 3 सितंबर तक हिरासत में रखा गया है।

Q2: आत्महत्या नोट की प्रामाणिकता कैसे जांची जा रही है?

A: फोरेंसिक टीम ने नोट की लेखनी, डिजिटल ट्रेल और सामग्री के आधार पर वैधता का मूल्यांकन किया है।