भारत सरकार की सार्वजनिक‑निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (PPPAC) ने तीसरे चरण के हवाईअड्डा निजीकरण प्रस्ताव को सिद्धांततः स्वीकृति दी। यह प्रस्ताव अब अंतिम मंजूरी और कैबिनेट समिति की स्वीकृति की ओर बढ़ेगा।
- PPPAC ने 11 हवाईअड्डों के निजीकरण को सिद्धांततः स्वीकृति दी।
- हवाईअड्डे पाँच बंडलों में विभाजित: अमृतसर‑कांगड़ा, वाराणसी‑गया‑कुशीनगर, भुबनेश्वर‑हब्बली, रायपुर‑औरंगाबाद, तिरुचिरापल्ली‑तिरुपति।
- अंतिम सिफ़ारिश के बाद कैबिनेट समिति की मंजूरी आवश्यक।
प्रस्ताव का विस्तृत विवरण
सरकार के सार्वजनिक‑निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (PPPAC) ने नागरिक विमानन मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत तीसरे चरण के हवाईअड्डा निजीकरण प्रस्ताव को सिद्धांततः मंजूरी दी। यह प्रस्ताव 11 हवाईअड्डों को पाँच बंडलों में बाँटता है, जिससे एक बिडर को अधिकतम दो बंडल नहीं मिल सकें, यह सुनिश्चित करने के लिए एक कैप प्रस्तावित है।
बंडलों की सूची
पहला बंडल: अमृतसर और कांगड़ा।
दूसरा बंडल: वाराणसी, गया और कुशीनगर।
तीसरा बंडल: भुबनेश्वर और हब्बली।
चौथा बंडल: रायपुर और औरंगाबाद।
पांचवाँ बंडल: तिरुचिरापल्ली और तिरुपति।
इतिहासिक पृष्ठभूमि
पिछले चरण में अडानी समूह ने सभी छह उपलब्ध हवाईअड्डों पर बोली जीत ली थी, जिससे बोलीदाता एकाग्रता पर चिंता बढ़ी थी। उस समय PPPAC ने वित्त मंत्रालय और नीति आयोग की दो‑हवाईअड्डा सीमा के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। यह नया प्रस्ताव उसी समस्या को हल करने के लिए बोलीदाता बंडल सीमा को तय करने की योजना बनाता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि हवाईअड्डा निजीकरण से निवेश में बढ़ोतरी, बुनियादी ढाँचे में सुधार और सेवा गुणवत्ता में सुधार की संभावना है, परन्तु एकाधिकार‑समान स्थिति में जोखिम भी बना रहता है। इस कदम से भारत की हवाई यात्रा निर्यात क्षमता और आर्थिक विकास दोनों पर असर पड़ सकता है।
"हवाईअड्डा निजीकरण को संतुलित नियमन के बिना आगे बढ़ाना आर्थिक असमानता को बढ़ा सकता है," कहा अंतरराष्ट्रीय परिवहन विशेषज्ञ डॉ. अनीता सिंह ने।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: निजीकरण के बाद हवाईअड्डों की फीस में बदलाव होगा?
उत्तर: बोलीदाता प्रति यात्री शुल्क निर्धारित करेंगे, जिससे उपयोगकर्ता शुल्क पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।
प्रश्न 2: क्या सभी बंडलों को एक ही कंपनी मिल सकती है?
उत्तर: नहीं, प्रस्तावित कैप के तहत एक बिडर को दो से अधिक बंडल नहीं मिलेंगे।