शिक्षा मंत्री प्रलाध जोशी ने स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीबीएसई की शैक्षणिक, परीक्षा और प्रशासनिक सुधारों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में ऑन‑स्क्रीन मार्किंग, त्रिभाषी नीति और यूजीसी‑नेट पुनः परीक्षा जैसे मुद्दों पर गहराई से चर्चा हुई।
- सीबीएसई के डिजिटल मूल्यांकन (OSM) पर सुप्रीम कोर्ट की जाँच जारी
- 2026‑27 से त्रिभाषी नीति का कार्यान्वयन और उसके अपवाद
- यूजीसी‑नेट पुनः परीक्षा के बाद परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार
संघ शिक्षा मंत्री प्रलाध जोशी ने 24 अगस्त को स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च‑स्तरीय बैठक का नेतृत्व किया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के शैक्षणिक, परीक्षा और प्रशासनिक पहलुओं की वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन करना था।
ऑन‑स्क्रीन मार्किंग (OSM) पर बढ़ती आलोचना
CBSE ने 2026 की कक्षा XII परीक्षाओं में कक्षा‑बार उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन के लिए OSM प्रणाली लागू की। हालांकि, कई छात्रों ने एक‑सप्ताह की शिकायत अवधि का उपयोग न कर पाने के कारण असंतोष जताया, जिससे मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया। 21 अगस्त को अदालत ने केंद्र और CBSE से विस्तृत उत्तर माँगे हैं।
त्रिभाषी नीति का नया ढांचा
2026‑27 शैक्षणिक सत्र से छात्रों को तीन भाषाएँ पढ़नी होंगी, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएँ होंगी। CBSE ने संक्रमणकालीन प्रावधानों के साथ विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए, जिसमें कक्षा 10 के मौजूदा बैच और विदेशी भाषा पढ़ने वाले छात्रों को छूट दी गई है। यह नीति भी सुप्रीम कोर्ट की जाँच के दायरे में है, जिसने छात्रों पर अनावश्यक दबाव न डालने की चेतावनी दी।
यूजीसी‑नेट पुनः परीक्षा और व्यापक परीक्षा सुधार
नए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा जून 2026 के यूजीसी‑नेट परीक्षा में प्रश्नपत्र त्रुटियों के कारण अंग्रेज़ी, वाणिज्य और समाजशास्त्र के पेपरों की पुनः परीक्षा का आदेश दिया गया। यह कदम शिक्षा मंत्रालय द्वारा परीक्षा प्रणाली के पारदर्शिता और गुणवत्ता को बढ़ाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
मंत्रालय की नई दिशा
उपरोक्त घटनाओं के प्रकाश में, शिक्षा मंत्रालय ने NTA के गोपनीय परीक्षा संचालन की व्यापक जांच का आदेश दिया है और साइबर सुरक्षा, मनोमाप विज्ञान और प्रश्नपत्र डिजाइन के विशेषज्ञों को शामिल करने की योजना बनाई है। यह कदम भारत के स्कूल‑स्तर के शिक्षा इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the convergence of digital evaluation, language policy, and exam reforms could redefine academic standards for millions of Indian students, influencing both domestic talent pipelines and international competitiveness.
"डिजिटल मूल्यांकन की विश्वसनीयता और भाषा नीति का संतुलन ही भविष्य की शिक्षा की सफलता का मूलभूत स्तम्भ होगा," एक शैक्षिक नीति विशेषज्ञ ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: OSM प्रणाली में छात्रों की शिकायतें कैसे सुलझाई जाएँगी?
उत्तर: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को एक विस्तृत grievance redressal मैकेनिज्म तैयार करने का निर्देश दिया है, जिसमें डिजिटल पोर्टल और समयसीमा दोनों शामिल होंगी।
प्रश्न 2: त्रिभाषी नीति के तहत कौन‑सी भाषाएँ अनिवार्य होंगी?
उत्तर: नीति में कम से कम दो भारतीय भाषाओं को अनिवार्य किया गया है, जबकि तीसरी भाषा हिंदी, अंग्रेज़ी या किसी भी मान्यता प्राप्त विदेशी भाषा में से चुननी होगी।