पुडुचेरी के मुख्य मंत्री एन. रंगासामी ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष के ₹14,300 करोड़ बजट में वेतन, पेंशन और ऋण पुनर्भुगतान को सबसे बड़ा खर्च माना गया है। सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए केवल एक छोटा हिस्सा ही आवंटित किया गया।

  • ₹14,300 करोड़ बजट में से ₹2,693.40 करोड़ वेतन पर
  • ₹1,619.73 करोड़ पेंशन पर खर्च
  • ₹1,981.57 करोड़ ऋण व ब्याज चुकाने के लिए

बजट का विस्तृत विभाजन

पुडुचेरी विधानसभा में प्रस्तुत बजट के अनुसार, इस वर्ष के कुल खर्चे में से ₹2,693.40 करोड़ वेतन के लिए, ₹2,327.86 करोड़ बिजली खरीद के लिए, और ₹1,619.73 करोड़ पेंशन के लिए निर्धारित किया गया है। साथ ही, ₹1,981.57 करोड़ ऋण पुनर्भुगतान और ब्याज के लिए अलग रखा गया है।

कल्याण योजनाओं को मिलती सीमित राशि

मुख्य मंत्री ने बताया कि केवल ₹2,202.45 करोड़ विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए earmarked हैं, जिनमें मुफ्त चावल, किसानों के लिए प्रोडक्टिविटी प्रोत्साहन, बुजुर्गों और विकलांगों के लिए पेंशन, महिला-प्रधान परिवारों को वित्तीय सहायता, LPG सिलेंडर सब्सिडी और मुफ्त लैपटॉप वितरण शामिल हैं।

शिक्षा एवं सार्वजनिक क्षेत्र के लिये अनुदान

बजट में समाज-स्वामित्व वाले उच्च शिक्षा संस्थानों को ₹560 करोड़ और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों व सहकारी संस्थानों को ₹1,082 करोड़ अनुदान के रूप में प्रदान किया गया है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that allocating more than half of a Union Territory’s budget to recurring liabilities limits fiscal space for developmental projects, potentially slowing economic growth and affecting vulnerable populations.

"जब तक वेतन‑पेंशन‑ऋण पर खर्च बढ़ता रहेगा, सामाजिक निवेश में कमी अनिवार्य है," वित्तीय विशेषज्ञ डॉ. अंजली सिंह ने टिप्पणी की।
Did You Know?: पुडुचेरी 2023 में भारत के सबसे अधिक सार्वजनिक ऋण अनुपात वाले केंद्र शासित प्रदेशों में से एक था।

Historical Background

पुडुचेरी ने पिछले पाँच वित्तीय वर्षों में अपने बजट में स्थायी खर्चों का हिस्सा लगातार बढ़ाया है। 2019‑2020 में वेतन और पेंशन पर कुल खर्च लगभग 55% था, जो 2026‑27 में 60% से अधिक पहुँच गया। यह प्रवृत्ति राज्य की विकासात्मक प्राथमिकताओं और राजस्व उत्पन्न करने की क्षमता पर प्रश्नचिह्न लगाती है।

Frequently Asked Questions

Q1: क्या पुडुचेरी में कोई अतिरिक्त राजस्व स्रोत है जो इस खर्च को संतुलित कर सके?
A: वर्तमान में मुख्य स्रोत केंद्रीय हस्तांतरण और GST हिस्सेदारी हैं, परन्तु नई उद्योग‑आधारित पहलें अभी तक पर्याप्त नहीं हुई हैं।

Q2: सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिये आवंटित राशि को बढ़ाने की संभावना है?
A: मुख्य मंत्री ने कहा कि अगले वर्ष के बजट में आय वृद्धि और खर्च पुनःविचार के आधार पर पुनः समीक्षा की जाएगी।