आंटी-कोरप्शन ब्यूरो (ACB) ने यदाद्री भुवनगिरी जिले में राजस्व निरीक्षक वेमुगंती पुरनाचंदर राव और ग्रामपाल अधिकारी शैख अहमद को भूमि पंजीकरण के लिए 14,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। दोनों को नम्पली के अतिरिक्त विशेष जज के समक्ष ले जाया गया है।

  • ACB ने राजस्व निरीक्षक और ग्राम अधिकारी से 14,000 रुपये जब्त किए।
  • पुरनाचंदर राव ने भूमि पंजीकरण के बदले रिश्वत की माँग की।
  • दोनों अधिकारी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

घटना का विवरण

आंटी-कोरप्शन ब्यूरो (ACB) ने 24 जुलाई को नलगोंडा रेंज के तहत एक ऑपरेशन कर, यदाद्री भुवनगिरी के अलैर मंडल में राजस्व निरीक्षक वेमुगंती पुरनाचंदर राव और कोलानुपाका गांव के ग्रामपाल अधिकारी शैख अहमद को 14,000 रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा।

रिश्वत की मांग और प्रक्रिया

रिपोर्ट के अनुसार, राव ने शिकायतकर्ता की बहन द्वारा बेची गई जमीन के पंजीकरण को सुगम बनाने के लिए तहसिलदार को रिपोर्ट जारी करने की शर्त पर रिश्वत की माँग की। यह राशि अहमद के माध्यम से राव को दी गई, जिसे ACB ने उसी समय जब्त कर लिया।

क़ानूनी कार्रवाई

दुर्भावनापूर्ण सेवा करने और दुरुपयोग के आरोपों के तहत दोनों अधिकारियों को नम्पली के अतिरिक्त विशेष जज (SPE) के समक्ष पेश किया गया और जमानत के बिना हिरासत में रखा गया। जांच अभी जारी है।

पृष्ठभूमि

तेलंगाना में भूमि पंजीकरण प्रक्रिया को अक्सर भ्रष्टाचार का शिकार माना जाता है। पिछले वर्षों में कई समान मामलों में ACB ने अधिकारियों को पकड़ा है, जिससे जनता में भरोसा घट रहा है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that such high‑level corruption erodes public confidence in land administration, deters investment, and fuels socio‑economic inequality across Telangana.

"भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सख्त निगरानी और पारदर्शी प्रक्रियाओं की आवश्यकता है," कहा गया है एक सार्वजनिक नीति विशेषज्ञ ने।
Did You Know?: भारत में हर साल लगभग 10,000 करोड़ रुपये भ्रष्टाचार के कारण खो जाते हैं, जिसका बड़ा हिस्सा स्थानीय स्तर पर होता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या इस मामले में कोई और अधिकारी शामिल है?

उत्तर: वर्तमान में केवल पुरनाचंदर राव और शैख अहमद ही गिरफ्तार हुए हैं, लेकिन जांच के दौरान अतिरिक्त नाम सामने आ सकते हैं।

प्रश्न 2: आम जनता शिकायत कैसे दर्ज कर सकती है?

उत्तर: ACB ने टोल‑फ़्री नंबर 1064 जारी किया है, जहाँ नागरिक भ्रष्टाचार की रिपोर्ट कर सकते हैं।