मॉस्को में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाक़ात के दौरान रूस ने भारत को ऊर्जा और उर्वरक की निरंतर आपूर्ति का आश्वासन दिया। दोनों पक्ष व्यापार असंतुलन को कम करने और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को $100 बिलियन तक बढ़ाने पर चर्चा कर रहे हैं।

  • रूस ने भारत को ऊर्जा और उर्वरक की निरंतर आपूर्ति की आश्वासन दिया।
  • व्यापार असंतुलन को कम करने के लिए दोनों देशों ने नए उपायों पर चर्चा की।
  • भविष्य में 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को $100 बिलियन तक बढ़ाने का लक्ष्य है।

परिप्रेक्ष्य

मॉस्को में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दो दिवसीय मुलाक़ात के दौरान रूस ने भारत को ऊर्जा और उर्वरक की निरंतर आपूर्ति की गारंटी दी। यह आश्वासन पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद दिया गया, जिससे दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों में नई मजबूती आई है।

व्यापार संबंधों का विस्तार

जैशंकर ने 27वें भारत-रूस इंटर-गवर्नमेंटल कमिशन की बैठक में बताया कि 2021-22 में $13 बिलियन से बढ़कर 2025-26 में लगभग $60 बिलियन तक व्यापार में चार गुना वृद्धि हुई है। हालांकि, व्यापार असंतुलन $6.6 बिलियन से बढ़कर $50 बिलियन से अधिक हो गया है, जिसे दूर करने की प्राथमिकता घोषित की गई।

ऊर्जा और उर्वरक आपूर्ति

राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, “हम भारतीय किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।” टास समाचार एजेंसी के अनुसार, रूस ने नवीकरणीय ऊर्जा, पेट्रोलियम और उर्वरक जैसे प्रमुख वस्तुओं की निरंतर आपूर्ति का वादा किया।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that securing energy and fertilizer supplies amidst a West Asian crisis strengthens India's food security and reduces its dependence on volatile markets, while offering Russia a reliable export partner.

“रूस-भारत ऊर्जा गठबंधन एशिया‑पैसिफिक में नई शक्ति संतुलन स्थापित कर सकता है।” – अंतर्राष्ट्रीय संबंध विशेषज्ञ डॉ. अंजली शर्मा

भविष्य की योजना

दोनों पक्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को $100 बिलियन तक ले जाने की योजना बना रहे हैं। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए टैरिफ हटाना, भुगतान तंत्र को सुदृढ़ करना और बी2बी संपर्क बढ़ाना आवश्यक माना गया।

Did You Know?: भारत ने 2020 के बाद से रूस से सबसे अधिक उर्वरक आयात किया है, जो कुल आयात का 30% से अधिक है।

Frequently Asked Questions

Q: क्या पश्चिम एशिया के तनाव का भारत-रूस व्यापार पर कोई असर पड़ेगा?
A: दोनों देशों ने कहा है कि आपूर्ति श्रृंखला में कोई व्यवधान नहीं आएगा।

Q: द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य $100 बिलियन कब तक पूरा होगा?
A: लक्ष्य 2030 तक हासिल करने की योजना है।