छात्र संघ (SFI) ने तेलंगाना सरकार के आदेश जी.ओ. 97 को वापस लेने की माँग की, जिसमें पॉलिटेक्निक को यंग इंडिया स्किल यूनिवर्सिटी (YISU) में मिलाने का प्रावधान है। इस विरोध में कई नेता पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गये और राज्य‑व्यापी धरने का इशारा किया गया।

  • एसएफआई ने जी.ओ. 97 के तत्काल वापसी की माँग की।
  • पॉलिटेक्निक को SBTET के तहत रखा जाना चाहिए, न कि YISU के तहत।
  • प्रदर्शन पर पुलिस ने कई नेताओं को गिरफ्तार किया।

हैदराबाद – स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने तेलंगाना में जारी जी.ओ. 97 के खिलाफ कड़ा विरोध किया, जिसमें पॉलिटेक्निक संस्थानों को यंग इंडिया स्किल यूनिवर्सिटी (YISU) के साथ मिलाने का प्रावधान है। संगठन ने राज्य बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (SBTET) के तहत पॉलिटेक्निक शिक्षा को बनाए रखने की मांग की और आदेश को तुरंत वापस लेने का आग्रह किया।

सोमवार को इंदिरा पार्क के पास एक बड़े प्रदर्शन में SFI के कई नेता उपस्थित रहे। उन्होंने लैटरल एंट्री, इंजीनियरिंग कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (ECET) की पात्रता और रोजगार संबंधी स्पष्ट दिशानिर्देशों की कमी पर सवाल उठाए। साथ ही, SBTET की मान्यता और AICTE अनुमोदन के बिना छात्रों को ECET या लैटरल एंट्री का लाभ नहीं मिल पाता, इस बात को भी रेखांकित किया।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने SFI के प्रमुख सदस्यों जैसे एस. राजीनिकांत और टी. नगराजु को हिरासत में ले लिया और उन्हें डोमलगुडा पुलिस स्टेशन ले गई। समूह ने कहा कि यदि सरकार आदेश वापस नहीं लेती, तो राज्य‑व्यापी धरने जारी रखे जाएंगे।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the merger could set a precedent for centralising technical education under private universities, potentially jeopardising the autonomy of state‑run polytechnics and affecting thousands of students’ career pathways.

"पॉलिटेक्निक के छात्र को राज्य बोर्ड की मान्यता मिलना उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है," एक शिक्षा विशेषज्ञ ने कहा।
Did You Know?: भारत में केवल 12 राज्य पॉलिटेक्निक को निजी विश्वविद्यालयों के साथ मिलाने की कोशिश कर रहे हैं।

Frequently Asked Questions

  1. जी.ओ. 97 का मुख्य उद्देश्य क्या था? यह आदेश पॉलिटेक्निक को YISU के साथ मिलाकर एकीकृत तकनीकी शिक्षा मंच बनाने का प्रयास करता है।
  2. SFI ने अब तक कौन‑कौन से कदम उठाए हैं? उन्होंने प्रदर्शन आयोजित किया, पुलिस के खिलाफ रैलियों की मांग की और राज्य‑व्यापी धरने की घोषणा की है।