बीबीसी ने पाँच साल बाद तालिबान के शासन के भीतर महिलाओं के तलाक के मामलों, अधिकारियों पर स्मार्टफोन प्रतिबंध और पूर्व कमांडरों की विचारधारा को उजागर किया है। इस रिपोर्ट में जव्जान के गवर्नर अब्दुल्ला सरहादी और काबुल के हबीबुल्लाह बादर के बयान शामिल हैं।
- जव्जान प्रांत में 18 वर्षीय महिला ने तलाक की मांग की
- सरहादी ने महिलाओं को "बुद्धिहीन" कहा, जिससे आसपास की हँसी छा गई
- तलाक के वित्तीय समझौते में पति चार गुना रकम चाहते हैं, जबकि परिवार इनकार करता है
तलाक की विवादित मुलाक़ात
जव्जान के गवर्नर अब्दुल्ला सरहादी के कार्यालय में एक युवा महिला ने अपने पति के खिलाफ तलाक की मांग रखी। वह 18 साल की है, पूरे चेहरे को नज़र बंदी और धूप के चश्मे से ढके हुए, लेकिन उसकी आवाज़ दृढ़ और शांत थी।
सरहादी ने महिलाओं को "बुद्धिहीन" और "बौद्धिक रूप से कमजोर" कहा, जिससे पुरुष अधिकारियों और बॉडीगार्ड की हँसी गूँज उठी। यह दृश्य तालिबान के शासक वर्ग और उनके तहत रहने वाले लोगों के बीच की असहजता को उजागर करता है।
शरिया के तहत वित्तीय दांव
शरिया के अनुसार, तलाक की स्थिति में महिला को उसके पति द्वारा दिये गये मुआवजे को वापस करना पड़ सकता है। इस मामले में पति चार गुना रकम चाहता है, जबकि महिला के परिवार ने इसे अस्वीकार कर दिया। सरहादी ने कहा कि महिला को अपना कमरा देना चाहिए और यदि वह मारपीट का शिकार हुई तो उसे जेल भेजा जाएगा।
स्मार्टफोन प्रतिबंध और संचार बाधा
सरहादी ने बताया कि आधिकारिक स्तर पर स्मार्टफ़ोन पर प्रतिबंध ने संचार को धीमा कर दिया है। उन्होंने कहा, "पहले एक तेज़ संदेश भेजना आसान था, अब दस्तावेज़ भेजना भी मुश्किल हो गया है।" यह प्रतिबंध न केवल प्रशासनिक कामकाज को प्रभावित करता है, बल्कि जनता के दैनिक जीवन में भी बाधा बनता है।
इतिहासिक पृष्ठभूमि
सरहादी 1990 के दशक में तालिबान के पहले शासन के दौरान एक कमांडर थे और बामियन में बौद्ध प्रतिमाओं के ध्वंस में शामिल रहे। वह 2001 में अमेरिकी कारावास में ग्वान्तनामो में कई सालों तक रहे, फिर रिहा हुए। पुनः सत्ता में आने के बाद उन्होंने बामियन और फिर जव्जान में गवर्नर के पद संभाले, और अब कुंदुज़ में एक मिलिट्री कोर का उप कमांडर बने हैं।
काबुल में हबीबुल्लाह बादर
काबुल में हम एक और वरिष्ठ तालिबान व्यक्ति, हबीबुल्लाह बादर से मिले। वह पहले आत्मघाती हमलों की योजना बनाने के जिम्मेदार थे, लेकिन अब वह प्रशासनिक भूमिका में हैं। बादर ने अपने अतीत के बारे में बात करने से बचते हुए कहा कि "यह लोगों को upset कर सकता है"।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that these personal anecdotes expose the contradictions within the Taliban’s proclaimed “moderate” stance and highlight the persistent gender oppression and communication restrictions that affect Afghanistan’s future stability.
"Taliban’s public statements of reform often mask entrenched patriarchal practices that hinder genuine progress," says Dr. Aisha Rahman, Afghan sociopolitical analyst.
Frequently Asked Questions
Q1: क्या तालिबान की अदालतों में महिलाओं को तलाक मिल सकता है?
A: शरिया के तहत, महिला को पति की सहमति के बिना तलाक मिलना बहुत कठिन है, और अक्सर वित्तीय समझौते की आवश्यकता होती है।
Q2: तालिबान ने स्मार्टफ़ोन पर प्रतिबंध क्यों लगाया?
A: आधिकारिक स्रोतों ने कहा है कि यह सुरक्षा कारणों से है, लेकिन यह संचार में देरी और प्रशासनिक कार्यों को जटिल बनाता है।