तेलंगाना के बीजेडपी प्रमुख एन. रामचंदर राव ने 48‑घंटे का उपवास शुरू किया, ताकि राज्य में 40 लाख से अधिक छात्रों के 15,000 करोड़ रुपये की शुल्क पुनर्भुगतान बकाया तुरंत जारी हो। उन्होंने कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री की शैक्षिक नीतियों को कड़ी आलोचना की।

  • बीजेडपी ने 48‑घंटे का उपवास शुरू किया
  • आवश्यक राशि: लगभग ₹15,000 करोड़
  • लगभग 40 लाख छात्रों पर असर

तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी (बीजेडपी) के राज्य प्रमुख एन. रामचंदर राव ने सोमवार को 48‑घंटे का उपवास जारी किया, जिससे छात्रों के शुल्क पुनर्भुगतान बकाया को तुरंत जारी करने का दबाव बना। इस कदम का उद्देश्य कांग्रेस सरकार को जवाबदेह ठहराना और शिक्षा क्षेत्र में मौजूदा संकट को उजागर करना था।

राव ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा, "यदि आपके पास साहस है तो आप स्वयं तेलंगाना आएँ और इस मुद्दे पर जवाब दें।" उन्होंने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की शिक्षा पोर्टफोलियो संभालने वाली नीति को "कट्टर और निरंकुश" कहा, जो राज्य के शैक्षणिक ढाँचे को गंभीर संकट में ले गई है।

कांग्रेस सरकार ने उच्च न्यायालय की आलोचना के बाद भी 2,000 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि का भुगतान नहीं किया, जो अगले शैक्षणिक वर्ष के लिए आवश्यक थी। इस देरी से न केवल पेशेवर और उच्च शिक्षा संस्थानों के छात्र प्रभावित हुए, बल्कि आयुर्वेद और होमियोपैथी कॉलेजों के छात्र भी अपनी छात्रवृत्ति में वृद्धि की माँग कर रहे हैं।

बीजेडपी ने बताया कि पार्टी के कार्यकर्ता पूरे राज्य के कॉलेजों में जाकर लगभग पाँच लाख छात्रों से हस्ताक्षर इकट्ठा कर चुके हैं, जो कांग्रेस सरकार की नीति से असंतुष्ट हैं। उन्होंने पुलिस पर भी आरोप लगाया कि पोलिटेक्निक छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, जबकि वे अपनी शिकायतें दर्ज करवा रहे थे।

कई वरिष्ठ बीजेडपी नेता, जिनमें सांसद रेखा शर्मा, बीजेडपी विधायी दल नेता अलेती महेश्वर रेड्डी, और कई एमएलए एवं एमएलसी शामिल हैं, ने इस आंदोलन का समर्थन किया और कांग्रेस सरकार की शिक्षा नीतियों की कड़ी निंदा की।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the prolonged delay in fee reimbursement not only jeopardizes the academic progress of millions but also fuels political polarization ahead of the upcoming state elections. The BJP’s hunger strike could reshape voter sentiment, especially among the youth, and pressure the incumbent government to prioritize education financing.

"शिक्षा में निवेश हर राज्य की प्रगति का बुनियादी आधार है; इसे टालना सामाजिक अस्थिरता को बढ़ावा देता है," एक राजनीतिक विश्लेषक ने कहा।
Did You Know?: तेलंगाना में 2019‑2024 के बीच शिक्षा बजट में केवल 4% वृद्धि हुई, जबकि राष्ट्रीय औसत 8% है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: छात्र शुल्क पुनर्भुगतान में देरी का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: सरकार की वित्तीय प्रतिबद्धताओं में प्राथमिकता की कमी और प्रशासनिक अड़चनें प्रमुख कारण मानी जा रही हैं।

प्रश्न 2: उपवास के बाद बीजेडपी ने कौन‑सी कार्रवाई का वादा किया है?
उत्तर: राव ने कहा कि बकाया राशि जारी नहीं हुई तो बीजेडपी आगे भी आंदोलन जारी रखेगा, जिसमें बड़े पैमाने पर रैलियां और न्यायिक याचिकाएँ शामिल हो सकती हैं।