अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हैदराबाद स्थित टाटा‑लॉकहीड मार्टिन एयरोस्ट्रक्चर सुविधा का निरीक्षण किया, जहाँ C‑130J सुपर हर्क्यूलिस के एंपेन्नेज बनते हैं, जिससे भारत के 80 मध्यम ट्रांसपोर्ट विमान की योजना में रक्षा सहयोग गहरा हो रहा है।
- गोर की यात्रा अमेरिका‑भारत रक्षा सहयोग के विस्तार को रेखांकित करती है।
- टाटा‑लॉकहीड संयुक्त उद्यम C‑130J एंपेन्नेज का वैश्विक स्रोत है और 80 MTA परियोजना को समर्थन देगा।
- हैदराबाद प्लांट दिसंबर 2026 तक MRO सुविधा शुरू करेगा, जो 2027 में पहली विमान की सेवा में आएगा।
सर्जियो गोर ने सोमवार, 24 अगस्त, 2026 को हैदराबाद स्थित टाटा‑लॉकहीड मार्टिन एरॉस्ट्रक्चर लिमिटेड (TLMAL) की उत्पादन लाइन का दौरा किया। उन्होंने C‑130J सुपर हर्क्यूलिस के एंपेन्नेज (पुच्छ) का निर्माण देखा, जो भारत की 80 मध्यम‑ट्रांसपोर्ट विमान (MTA) की नई खरीद योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
टाटा‑लॉकहीड का रणनीतिक महत्व
2010 में स्थापित यह संयुक्त उद्यम भारत के ‘मेक इन इंडिया’ लक्ष्य को साकार करने के लिए बना है। यह कंपनी सभी नए निर्मित C‑130J के एंपेन्नेज का एकल वैश्विक स्रोत है, जिससे भारत को उच्च‑स्तर की एयरोस्पेस क्षमताएँ मिलती हैं।
भारत की 80 MTA की माँग
भारतीय वायुसेना वर्तमान में 12 C‑130J ऑपरेट कर रही है और अगले कुछ वर्षों में लगभग 80 मध्यम‑ट्रांसपोर्ट विमान खरीदना चाहती है। इस बहु‑अर्ब डॉलर की प्रोक्योरमेंट में लॉकहीड मार्टिन का C‑130J, एम्ब्रायर डीफ़ेंस का C‑390 मिलेनियम और एअरबस का A‑400M मुख्य दावेदार बन चुके हैं।
हैदराबाद प्लांट का विस्तार
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के CEO सुकरान सिंह ने बताया कि MRO (मैटेनेंस, रिपेयर, ओवरहॉल) सुविधा इस साल दिसंबर में शुरू होगी, और पहली विमान 2027 की वसंत में पहुंचेगी। यह सुविधा न केवल सप्लाई चेन को मजबूत करेगी, बल्कि उच्च‑कौशल रोजगार भी उत्पन्न करेगी।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the deepening industrial partnership not only secures India's logistical capability in the Indo‑Pacific but also creates a resilient supply chain that can offset geopolitical pressures, especially from China’s expanding military footprint.
यह साझेदारी सिद्ध करती है कि ‘मेक इन इंडिया’ वैश्विक एयरोस्पेस प्लेटफ़ॉर्म के लिए विश्वसनीय घटक प्रदान कर सकता है।
भविष्य की संभावनाएँ
लॉकहीड मार्टिन की ट्रिश पगन ने कहा कि भारतीय उद्योग के साथ सहयोग ने विश्व‑स्तरीय एयरोस्पेस निर्माण क्षमता स्थापित की है, जो वैश्विक C‑130J ऑपरेटर नेटवर्क को सीधे समर्थन देती है। भारत की MTA माँग इस सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: टाटा‑लॉकहीड संयुक्त उद्यम भारत की MTA योजना में क्या भूमिका निभाएगा?
उत्तर: यह एंपेन्नेज उत्पादन, भविष्य में MRO सॉल्यूशन, और संभावित पूर्ण प्लेटफ़ॉर्म निर्माण के माध्यम से परियोजना को तकनीकी और लॉजिस्टिक समर्थन देगा।
प्रश्न 2: C‑130J अन्य दावेदार जैसे A‑400M से कैसे अलग है?
उत्तर: C‑130J अपनी लोड‑कैरिंग क्षमता, लंबी रेंज, और रॉकेट‑प्रूफ एंटी‑टैंक सिस्टम के साथ बहु‑उपयोगी मिशन प्रोफ़ाइल प्रदान करता है, जो इसे विशेष रूप से भारतीय रणनीतिक आवश्यकताओं के अनुरूप बनाता है।