अल्लाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को हाथरस गैंग-रेप मामले के पीड़िता के परिवार को गाज़ियाबाद या नोएडा में तीन महीने के भीतर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। अदालत ने राज्य के पिछले निर्णय को ‘कानून के नजरिए से कोई निर्णय नहीं’ कह कर कठोर टिकााव किया।

  • अदालत ने परिवार को गाज़ियाबाद/नोएडा में पुनर्वास के लिए 3 महीने का अंतिम समय दिया
  • राज्य की पिछली पुनर्वास योजना को अस्वीकृत कर नई दिशा दी
  • नॉन‑कम्प्लायंस पर कोर्ट में व्यक्तिगत हाजिरी का आदेश

केस का संक्षिप्त विवरण

अल्लाहाबाद हाई कोर्ट ने मंज़ूर किया कि उत्तर प्रदेश सरकार को हाथरस में 2020 में हुई गैंग‑रेप और हत्या के बाद पीड़िता के परिवार को गाज़ियाबाद या नोएडा में पुनर्वास करना अनिवार्य है। यह आदेश राज्य के ‘अनावश्यक प्रतिरोध’ के बाद आया।

राज्य की पिछली पहल

22 फ़रवरी 2025 को सरकार ने परिवार को कासगंज, एटा या अलीगढ़ में पुनर्वास का प्रस्ताव रखा, लेकिन गाज़ियाबाद/नोएडा की माँग को नजरअंदाज़ किया। न्यायमूर्ति राजन रॉय और जसप्रीत सिंह ने इसे ‘कानून की दृष्टि से कोई निर्णय नहीं’ बताया।

परिवार की प्रतिक्रिया

पीड़िता के बड़े भाई ने दलील दी कि परिवार ने दिल्ली‑एनसीआर में सुरक्षा के लिए स्थानांतरण की माँग की थी, क्योंकि कासगंज‑इत्यादि जिलों की दूरी बहुत कम है। उन्होंने कहा, “छह साल बीत चुके हैं, पर हमारी ज़िन्दगी अभी भी बिखरी हुई है।”

पिछला इतिहास

सितंबर 2020 में 19‑वर्षीय महिला पर अपने गाँव के चार पुरुषों द्वारा बलात्कार किया गया था और दो हफ्ते बाद दिल्ली के अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई। इस मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा उलटफेर पैदा किया, कई बार न्यायिक आदेशों को अनदेखा करने की आलोचना हुई।

न्यायिक प्रक्रिया और अनुपालन

कोर्ट ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (होम) को अनुपालन शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया। यदि अनुपालन नहीं हुआ तो 30 नवंबर को व्यक्तिगत हाजिरी अनिवार्य होगी।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि इस आदेश से न केवल पीड़िता के परिवार को सुरक्षा मिलेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश में न्यायिक आदेशों के कार्यान्वयन में एक कड़ा मानक स्थापित होगा, जिससे भविष्य में अन्य संवेदनशील मामलों में भी तेज़ी आएगी।

“सरकारी अनिच्छा को न्यायालय की सख्त निगरानी ने समाप्त किया, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिला।”
Did You Know?: यह मामला भारत में महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा के खिलाफ सबसे बड़े सार्वजनिक आंदोलन में से एक बन गया था, जिसमें लाखों नागरिकों ने सड़कों पर विरोध किया।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या परिवार को गाज़ियाबाद या नोएडा में सरकारी आवास मिलेगा?

उत्तर: कोर्ट ने सरकार को उचित आवास, स्वास्थ्य और सुरक्षा सुविधाएँ प्रदान करने का निर्देश दिया है, लेकिन विस्तृत योजना अभी तय करनी है।

प्रश्न 2: यदि राज्य आदेश का पालन नहीं करता तो क्या परिणाम होगा?

उत्तर: अदालत ने 30 नवंबर को व्यक्तिगत हाजिरी का आदेश दिया है, जिससे राज्य के अधिकारियों को सीधे कोर्ट में जवाब देना पड़ेगा।