चेन्नई के केंद्रीय अपराध शाखा ने 51 वर्षीय देवेंद्रन, उनकी पत्नी 43 वर्षीय सासिकला और रेपको होम फाइनेंस के शाखा प्रबंधक आर.जी. हरिनाथ कार्तिक को ₹21 करोड़ की बंधक धोखाधड़ी में गिरफ्तार किया। उन्होंने मूल दस्तावेज़ निकाल कर दूसरी बैंक से बड़े ऋण लिए।
- देवेंद्रन और सासिकला ने मूल संपत्ति दस्तावेज़ हटाए
- आर.जी. हरिनाथ कार्तिक ने झूठी रसीद जारी की
- कुल धोखाधड़ी राशि ₹21 करोड़
चेन्नई, 26 अगस्त 2026 – केंद्रीय अपराध शाखा (CCB) ने दो व्यक्तियों के दंपति और एक निजी होम फाइनेंस कंपनी के प्रबंधक को 21 करोड़ रुपये के बंधक धोखाधड़ी के आरोप में हिरासत में ले लिया।
घोटाले के मुख्य तथ्य
जिला में गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में 51 वर्षीय देवेंद्रन और उनकी 43 वर्षीया पत्नी सासिकला, दोनों अन्ना नगर के निवासी, तथा पेरुंगुड़ी के 51 वर्षीय आर.जी. हरिनाथ कार्तिक, रेपको होम फाइनेंस लिमिटेड की अन्ना नगर शाखा के प्रबंधक शामिल हैं।
धोखाधड़ी की विधि
सासिकला और देवेंद्रन ने 2016 में रेपको होम फाइनेंस से दो बंधक ऋण, कुल मिलाकर 3 करोड़ रुपये, लिये। उन्होंने आठ संपत्तियों के मूल दस्तावेज़ जमा करके इन ऋणों को सुरक्षित किया। जब 2.26 करोड़ रुपये अभी भी बकाया थे, तो कार्तिक ने एक नकली रसीद जारी की जिससे दिखाया गया कि ऋण पूरी तरह चुका दिया गया है और बंधक रद्द कर दिया गया। यह सूचना कंपनी के ऑडिट के बाद सामने आई।
दुर्भावनापूर्ण चाल
कुल मिलाकर 21 करोड़ रुपये के बड़े ऋण के लिये, दंपति ने मूल दस्तावेज़ फिर से निकाल कर एक अन्य निजी बैंक में प्रस्तुत कर दिया। इस प्रकार उन्होंने दो अलग-अलग बैंकों को एक ही संपत्ति के दस्तावेज़ दे कर दो बार ऋण सुरक्षित किया।
पुलिस जांच और अन्य मामलों की जानकारी
यह मामला CCB ने रेपको होम फाइनेंस के लीगल असिस्टेंट मैनेजर एम. विजयकुमार की 8 जुलाई की शिकायत के बाद दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि इस दंपति का जुड़ाव दो अन्य धोखाधड़ी मामलों में भी है, जिनकी कुल रकम 9.19 करोड़ रुपये है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि इस प्रकार की बंधक धोखाधड़ी वित्तीय संस्थानों की विश्वसनीयता को गंभीर रूप से प्रभावित करती है और ऋणदाताओं के जोखिम प्रबंधन में नई चुनौतियां पेश करती है। इस केस से नियामक निगरानी और ऑडिट प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने की आवश्यकता स्पष्ट होती है।
"बैंकिंग दस्तावेज़ों की कड़ी जांच और डिजिटल प्रमाणन को अनिवार्य करना इस प्रकार के धोखाधड़ी को रोकने में मदद करेगा," वित्तीय अपराध विशेषज्ञ प्रो. अंजलि राज ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या इस मामले में अन्य बैंकों को भी नुकसान हुआ है?
उत्तर: जांच जारी है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्टों में बताया गया है कि दो प्रमुख निजी बैंकों को संभावित नुकसान हो सकता है।
प्रश्न 2: क्या इस मामले में कोई कानूनी सुधार प्रस्तावित किया गया है?
उत्तर: वित्तीय नियामकों ने दस्तावेज़ सत्यापन प्रक्रिया को डिजिटल बनाकर सख्त करने की सिफारिश की है।