नेपाल में हालिया ग्लेशियल बाढ़ के बाद, संयुक्त राष्ट्र जलवायु प्रमुख ने हिंदू कुश हिमालय में जलाशयों के संभावित विस्फोट को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। भारत ने 100 बड़ी ग्लेशियल झीलों की रियल‑टाइम निगरानी शुरू की, विशेषकर उत्तराखंड में खतरा तेज़ हो रहा है।
- उत्तरी भारत में 100 से अधिक बड़ी ग्लेशियल झीलों की सतत निगरानी शुरू।
- नेपाल‑तिब्बत त्रासदी के बाद यूएन जलवायु प्रमुख ने GLOF जोखिम पर अलर्ट जारी किया।
- उत्तराखंड सरकार सेंसर और ड्रोन से रीयल‑टाइम डेटा एकत्र कर रही है।
स्थिति का विवरण
पिछले महीने नेपाल में तिब्बती हिमालय में एक ग्लेशियल झील का अचानक फटना लाखों लोगों को प्रभावित कर गया, जिससे कई गांव बाढ़ में डूब गए। इस घटना ने हिमालयी क्षेत्र में जलवायु‑परिवर्तन के प्रभाव को उजागर किया। उसी संदर्भ में, संयुक्त राष्ट्र जलवायु प्रमुख गुस्तावो सैंटोस ने कहा कि हिंदू कुश हिमालय में भी समान जोखिम मौजूद है।
निगरानी पहल
भारत सरकार ने इस साल 100 बड़ी ग्लेशियल झीलों की पहचान की और उन्हें उपग्रह‑आधारित सेंसर, ड्रोन और स्थानीय जलवायु स्टेशन से जोड़कर रीयल‑टाइम मॉनिटरिंग शुरू की। विशेष रूप से उत्तराखंड के 13 संवेदनशील झीलों में से 5 पर तत्काल GLOF (Glacial Lake Outburst Flood) की आशंका जताई गई है।
इतिहासिक पृष्ठभूमि
पिछले दो दशकों में हिमालयी ग्लेशियरों की सतह में औसतन 15% की कमी दर्ज की गई है। इस पिघलाव के कारण कई नई जलाशय बन रही हैं, जबकि मौजूदा झीलों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। भारत में 1994 की लद्दाख बाढ़ और 2013 की हिमाचल प्रदेश की बाढ़ ने पहले ही इस खतरे की गंभीरता को सिद्ध किया था।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that unchecked glacial lake expansion threatens not only remote mountain villages but also downstream megacities like Delhi and Kolkata, potentially affecting millions of lives and billions in economic loss.
"यदि हम अभी सक्रिय कदम नहीं उठाते, तो अगले दशक में GLOF घटनाएँ भारत के प्रमुख नदियों में वार्षिक बाढ़ का मुख्य कारण बन सकती हैं," कहा ग्लेशियोलॉजिस्ट डॉ. अनीता सिंह ने।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: ग्लेशियल झीलों की निगरानी के लिए कौन‑कौन से तकनीकी उपकरण उपयोग में लाए जा रहे हैं?
उत्तर: उपग्रह इमेजरी, ड्रोन‑आधारित लिडार, और जलस्तर सेंसर प्रमुख हैं।
प्रश्न 2: यदि GLOF होता है तो स्थानीय सरकार किस प्रकार की आपातकालीन योजना लागू करेगी?
उत्तर: पूर्व चेतावनी प्रणाली, निकासी मार्ग की तैयारी और त्वरित राहत वितरण को प्राथमिकता दी जाएगी।