SICCI के अध्यक्ष अरुण अलगप्पन ने 116वें वार्षिक आम बैठक में कहा कि भारत का 2047 का आर्थिक लक्ष्य बड़े बोर्डरूम में नहीं, बल्कि छोटे और मध्यम उद्यमों (MSME) में निहित है। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसी राज्यों की ट्रिलियन‑डॉलर अर्थव्यवस्थाओं की योजना भी इसी आधार पर टिकी है।
- भारत की 2047 की आर्थिक लक्ष्य MSME पर आधारित।
- तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश ट्रिलियन‑डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में छोटे उद्यमों को मुख्य चालक मान रहे हैं।
- सरकार और उद्योग को क्लस्टर‑स्तर पर सहयोग करना आवश्यक है।
दक्षिण भारत वाणिज्य एवं उद्योग मंडल (SICCI) ने 116वें वार्षिक सामान्य सभा में उद्योग, सरकार और अन्य हितधारकों को एक साथ लाकर दक्षिण भारत के व्यापारिक अवसरों और चुनौतियों पर चर्चा की। अध्यक्ष अरुण अलगप्पन ने कहा कि भारत की 2047 की महत्वाकांक्षा केवल बड़े कॉरपोरेशनों में नहीं, बल्कि MSME (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) में निहित है।
अलगप्पन ने बताया कि चाहे लक्ष्य निर्माण, कृषि, प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचा, रक्षा, हरित‑नीला अर्थव्यवस्था या वैश्विक व्यापार हो, इन सभी को आगे बढ़ाने के लिए MSME की भूमिका अनिवार्य है। उन्होंने कहा, “छोटे उद्यमों के बिना इन क्षेत्रों में कोई भी प्रगति संभव नहीं है।”
वह आगे कहे, “अगला दशक राज्यों का दशक होगा। तमिलनाडु ट्रिलियन‑डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर है, जबकि आंध्र प्रदेश ने स्वर्णअंध्रा @2047 की महत्वाकांक्षा रखी है। दोनों ही मामलों में बड़े निगम नहीं, बल्कि छोटे उद्यम ही लक्ष्य हासिल करेंगे।”
आंध्र प्रदेश के MSME, SERP, NRI संबंध एवं सशक्तिकरण मंत्री कोण्डापल्ली श्रीनिवास ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि घर की सशक्तिकरण ही राज्य और राष्ट्र की मजबूती की नींव है। उन्होंने कहा, “उद्यमिता, रोजगार और आय वृद्धि के अवसर बनाकर हम घरों को आर्थिक विकास में सार्थक योगदान देने में सक्षम बना सकते हैं।”
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि MSME पर केंद्रित नीतियों से न केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि निर्यात क्षमता और तकनीकी नवाचार भी तेज़ी से बढ़ेंगे, जिससे भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
“छोटे उद्यमों को क्लस्टर‑स्तर पर सशक्त बनाना ही भारत को 2047 में आर्थिक महाशक्ति बनाने का सबसे व्यावहारिक मार्ग है।” – आर्थिक नीति विशेषज्ञ डॉ. रवींद्र सिंह
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: 2047 तक भारत की आर्थिक लक्ष्य को हासिल करने में MSME की मुख्य चुनौतियाँ क्या हैं?
उत्तर: वित्तीय पहुँच, तकनीकी उन्नति, बुनियादी ढांचे की कमी और स्केलेबिलिटी प्रमुख बाधाएँ हैं।
प्रश्न 2: राज्य स्तर पर MSME को सशक्त बनाने के लिए कौन‑से कदम उठाए जा रहे हैं?
उत्तर: औद्योगिक पार्क, सामुदायिक सुविधाएँ, आसान वित्तीय सहायता और नवाचार समर्थन कार्यक्रम स्थापित किए जा रहे हैं।