नागा समूहों ने उपमुख्यमंत्री नेमचा किप्गेन को पद से हटाने की मांग की है, क्योंकि उनके पति कुकि समूह के प्रमुख हैं। लगातार हिंसा 2027 के विधानसभा चुनावों को कठिन बना सकती है, यह बात उपमुख्यमंत्री लोसि दिक्हो ने कही।

  • नागा समूहों ने नेमचा किप्गेन को हटाने की मांग की
  • कुकि नेशनल फ्रंट पर हिंसा के आरोप, उपमुख्यमंत्री ने फोन बंद करने का उल्लेख किया
  • हिल जिलों में बढ़ती हिंसा 2027 के चुनावों को जोखिम में डाल सकती है

मनिपुर के उपमुख्यमंत्री लोसि दिक्हो ने गुरुवार को कहा कि नागा‑कुकी हिंसा के निरंतर बढ़ने से अगले साल के विधानसभा चुनावों का संचालन कठिन हो जाएगा। दिक्हो ने बताया कि नागा समूहों ने उनके सहयोगी, उपमुख्यमंत्री नेमचा किप्गेन को पद से हटाने की मांग की है, क्योंकि किप्गेन के पति थांगबोई किप्गेन कुकि नेशनल फ्रंट (KNF‑P) के प्रमुख हैं, जिस पर हालिया अपहरण और हत्याओं के आरोप हैं।

नागा समूहों की मांग और राजनीतिक प्रभाव

दिक्हो, जो नागा पीपल्स फ्रंट (NPF) के सदस्य हैं, ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को नौ नागा विधायक के साथ मिलकर एक याचिका भेजी है, जिसमें किप्गेन के हटाने की मांग की गई है। यदि इस मांग को पूरा नहीं किया गया तो नागा विधायकों का भाजपा‑नेतृत्व वाली सरकार के प्रति समर्थन घट सकता है।

हिंसा का विस्तार और पीड़ितों की संख्या

पिछले दस दिनों में कांगपोक्पी जिले में नागा और कुकि समुदायों के बीच कम से कम सात लोगों की मौत हुई है। दिक्हो ने कहा कि यह हिंसा 7 फरवरी को उख्रुल में एक नागा युवक के हमले से शुरू हुई, जिसके बाद कुकि मिलिशिया ने कई नागा युवाओं को अपहृत कर मार दिया।

किप्गेन की प्रतिक्रिया पर प्रश्न

दिक्हो ने कहा कि नेमचा किप्गेन ने नागा अपहरण के बाद अपने फोन को बंद कर दिया और कोई संपर्क नहीं किया। उन्होंने यह भी बताया कि किप्गेन ने वर्चुअल रूप से ही कैबिनेट मीटिंग्स में भाग लिया, जबकि जमीन पर तनाव को कम करने के प्रयास नहीं किए।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that continued ethnic clashes in Manipur could destabilize the entire Northeast region, jeopardize central government’s security strategy, and set a precedent for other disputed border states.

"यदि हिंसा को नियंत्रण में नहीं लाया गया तो 2027 के चुनावों की वैधता पर गंभीर प्रश्न उठेंगे," सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. राजेश सिंह ने कहा।

Historical Background

मनिपुर में पहले भी मेइती‑कुकी और मेइती‑नागा के बीच 2023 में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी, जिससे कई हज़ार लोग विस्थापित हुए। इस संघर्ष की जड़ें भूमि अधिकार, जनसंख्या परिवर्तन और अवैध आव्रजन के मुद्दों में गहराई से निहित हैं।

Did You Know?: मनिपुर में 2022 में पहली बार राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (NRC) को पुनः शुरू करने की चर्चा हुई थी, लेकिन जनगणना के बाद ही इसे लागू किया गया।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या किप्गेन के हटाने से हिंसा रुक सकती है?

उत्तर: विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक कदम है; मूलभूत भूमि और पहचान मुद्दों को हल करना आवश्यक है।

प्रश्न 2: केंद्र सरकार ने इस स्थिति पर क्या प्रतिक्रिया दी है?

उत्तर: अभी तक गृह मंत्री अमित शाह ने कोई औपचारिक जवाब नहीं दिया है, लेकिन सुरक्षा बलों को तेज़ी से तैनात करने का संकेत दिया गया है।