तमिलनाडु के विद्युत निगम टैंगडेको के एक लाइनमैन को किसान से ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। यह मामला राज्य के भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी DVAC द्वारा दो हफ्ते पहले एक वन अधिकारी को पकड़ने के बाद आया है। आगे की जांच जारी है।
- लाइनमैन विजय ने किसान से ₹5,000 रिश्वत ली
- रिश्वत का कारण फसल के लिए अनधिकृत विद्युत कनेक्शन
- DVAC ने दो हफ्ते पहले ही वन अधिकारी को गिरफ्तार किया था
तमिलनाडु जनरेशन एंड डिस्ट्रिब्यूशन कॉरपोरेशन (टैंगडेको) के 39 वर्षीय लाइनमैन विजय को गुरुवार को DVAC (डायरेक्टरेटरी ऑफ विजिलेंस एंड एंटी‑कोरप्शन) पुलिस ने गिरफ्तार किया, जब वह किसान एस. मुरुगेसन से ₹5,000 की रिश्वत ले रहा था। मुरुगेसन ने अपने 6.5 एकड़ नारियल बाग के लिए मुफ्त बिजली कनेक्शन प्राप्त किया था, लेकिन वह इसे तीन‑फेज मोटर चलाने के लिये अनधिकृत कैपेसिटर लगाकर बदल रहा था।
विजय ने इस संशोधन को नोटिस कर फ़ोटो खींची और मुरुगेसन को ₹1.5 लाख का जुर्माना और ₹25,000 की रिश्वत देने की धमकी दी। मुरुगेसन ने बताया कि हाथी ने उसके बाग को नुकसान पहुँचाया है, इसलिए वह भुगतान नहीं कर सकता। फिर भी विजय ने ₹5,000 से कम नहीं लेने का इरादा जताया।
रिश्वत की मांग पर फोन पर लगातार दबाव डालने के बाद, मुरुगेसन ने DVAC को शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने विजय को पकड़ते समय ₹5,000 की नकद राशि बरामद की। इस घटना के साथ ही, DVAC ने 19 अगस्त को वन रेंज अधिकारी पी. काठीरावन को ₹3.69 लाख की रिश्वत लेने के आरोप में भी गिरफ्तार किया था।
Historical Background
तमिलनाडु में विद्युत वितरण क्षेत्र में भ्रष्टाचार की लंबी इतिहास रही है। पिछले दशकों में कई मामलों में अनधिकृत कनेक्शन, मीटर जालसाजी और शक्ति चोरी के आरोप सामने आए हैं, जिससे राज्य की ऊर्जा सुरक्षा और उपभोक्ता भरोसा दोनों प्रभावित हुए हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that ऐसे छोटे‑स्तर के भ्रष्टाचार के मामले बड़े पैमाने पर ऊर्जा हानि और आर्थिक बोझ का कारण बनते हैं, जिससे सरकारी योजनाओं की कार्यक्षमता घटती है और आम नागरिकों को अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।
"विद्युत क्षेत्र में भ्रष्टाचार को रोकना न केवल राजस्व बचाता है, बल्कि ग्रामीण विकास को भी सुदृढ़ करता है," कहा ऊर्जा नीति विशेषज्ञ डॉ. रवींद्रन ने।
Frequently Asked Questions
Q1: क्या इस मामले में मुरुगेसन को कोई कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा?
A: वर्तमान में जांच जारी है; यदि वह भी कनेक्शन में धोखाधड़ी के लिए जिम्मेदार पाया गया तो उसे दंडित किया जा सकता है।
Q2: DVAC इस तरह के मामलों को कैसे रोकता है?
A: DVAC नियमित निरीक्षण, शिकायत प्रणाली और सख्त दंड के माध्यम से भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने का प्रयास करता है।