बोस्टन के संघीय जज इंदिरा तलवानी ने राष्ट्रपति ट्रम्प की नई डाक‑मतदान नियम को रोकने वाला प्रतिबंध नवंबर के कांग्रेस चुनावों से पहले बढ़ा दिया। यह कदम कई लोकतांत्रिक‑नेतृत्व वाले राज्यों और मताधिकार समूहों की याचिका के बाद लिया गया।
- बोस्टन जज ने USPS के नए मेल‑मतदान नियम पर प्रतिबंध को विस्तारित किया
- नए नियम में मतदाता सूची और बारकोड की अनिवार्यता शामिल है
- राज्य निकट भविष्य में अपने मतदान प्रक्रिया में बदलाव कर सकते हैं
संघीय जज इंदिरा तलवानी ने शुक्रवार को एक आदेश जारी किया, जिससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की प्रशासन द्वारा प्रस्तावित नया USPS मेल‑मतदान नियम निलंबित रहा। यह निर्णय नवंबर के कांग्रेस चुनावों से पहले आया, जब कई राज्य अपने मतपत्रों को डाक के माध्यम से भेजना शुरू कर रहे हैं।
ट्रम्प प्रशासन ने मार्च 2024 में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर USPS को एक कठोर नियम लागू करने का निर्देश दिया। इस नियम के तहत प्रत्येक राज्य को मतदाता सूची और प्रत्येक मतदान पत्र के लिफाफे पर अनूठा बारकोड प्रदान करना अनिवार्य होगा, जिससे डाक सेवा को गैर‑मानक लिफाफे अस्वीकार करने की शक्ति मिलेगी।
नियम का उद्देश्य डाक‑मतदान प्रक्रिया को “सुरक्षित” बनाना बताया गया है, लेकिन लोकतांत्रिक‑नेतृत्व वाले राज्य और मताधिकार समूहों ने तर्क दिया है कि यह उपाय मतदाता दमन का साधन हो सकता है और संविधान के तहत राज्यों को चुनाव प्रशासन का अधिकार देने के विरुद्ध है।
अमेरिकी न्याय विभाग के वकीलों ने कहा कि USPS को लिफाफे के डिज़ाइन में मामूली बदलाव करने का स्पष्ट अधिकार है, और राज्य अभी भी यह तय करेंगे कि कौन मेल‑मतदान के लिये पात्र है। फिर भी, कई राज्य पहले से ही अपने मतपत्र और लिफाफे छाप चुके हैं, जिससे नई आवश्यकताओं को लागू करने में समय की कमी है।
उत्तरी कैरोलिना शुक्रवार को नवंबर के चुनावों के लिये पहला राज्य बन गया जिसने मतपत्र भेजना शुरू किया। इस बीच, एक USPS अधिकारी ने बताया कि राज्य‑स्तर की मतदाता सूचियों को अपलोड करने के लिये ऑनलाइन पोर्टल अभी तक सक्रिय नहीं है, और यह 7 सितंबर के सप्ताह में उपलब्ध हो सकता है।
संघीय अपील कोर्ट ने पिछले सप्ताह तलवानी जज के प्रारम्भिक आदेश को हटा दिया था, लेकिन नई 14‑दिन की रोक ने फिर से इस मुद्दे को अदालत में खींचा है। ट्रम्प प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की माँग की, लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं आया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यदि यह नियम चुनाव के कुछ हफ्ते पहले लागू हो जाता है, तो कई राज्य को अपने मतदाता सूचियों और एन्कोडिंग सिस्टम को पुनः तैयार करना पड़ेगा, जिससे मतदान में देरी और संभावित विसंगतियां उत्पन्न हो सकती हैं।
"डाक‑मतदान पर इस तरह के अचानक बदलाव से लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठते हैं," कहा चुनाव कानून विशेषज्ञ डॉ. अंजली सिंह ने।
Historical Background
अमेरिका में मेल‑मतदान की परंपरा 19वीं सदी से चली आ रही है, लेकिन 2020 के चुनाव के बाद इस पर राष्ट्रीय स्तर पर तीव्र बहस हुई। ट्रम्प प्रशासन ने लगातार मेल‑मतदान को प्रतिबंधित करने का आह्वान किया, जबकि कई राज्य इसे वोटर एक्सेस का साधन मानते हैं।
Frequently Asked Questions
Q1: क्या सभी राज्यों को नई सूची और बारकोड नियम लागू करने होंगे?
A: हाँ, यदि USPS इस नियम को लागू करता है तो सभी राज्य को मेल‑मतदान के लिये सूची और बारकोड प्रदान करना अनिवार्य होगा।
Q2: यदि कोई राज्य नियम का पालन नहीं करता तो क्या होगा?
A: USPS उन मतपत्रों को अस्वीकार कर सकता है जो नई आवश्यकताओं को पूरा नहीं करते, जिससे उन मतदाताओं के वोट नहीं गिने जा सकते।