भारतीय प्रबंधन संस्थान कोझिकोडे ने दो‑दिन के रणनीतिक रिट्रीट ‘Reimagining Keralam’ की शुरुआत की, जहाँ मुख्यमंत्री वी डी साथीसन और 20 मंत्रियों ने एआई, स्वास्थ्य, जलवायु लचीलापन और भविष्य की आर्थिक संभावनाओं पर चर्चा की।
- IIM कोझिकोडे ने केरल मंत्रियों के लिए दो‑दिन का रणनीतिक रिट्रीट आयोजित किया।
- मुख्यमंत्री वी डी साथीसन और 20 कैबिनेट मंत्री प्रमुख सत्रों में भाग लिए।
- एआई, स्वास्थ्य, जलवायु लचीलापन और सिल्वर इकोनॉमी जैसे भविष्य के मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।
रिट्रीट की रूपरेखा
भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) कोझिकोडे ने ‘Reimagining Keralam’ नामक दो‑दिन का रिट्रीट केरल मंत्रियों के लिए आयोजित किया। यह कार्यक्रम शुक्रवार को संस्थान के परिसर में शुरू हुआ, जहाँ राज्य की राजनीतिक नेतृत्व, शैक्षणिक विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय विद्वानों ने मिलकर केरल के दीर्घकालिक विकास प्राथमिकताओं पर विचार‑विमर्श किया।
मुख्य सत्र और प्रतिभागी
पहले दिन के सत्रों में मुख्यमंत्री वी डी साथीसन और 20 कैबिनेट मंत्री शामिल हुए। प्रमुख विषयों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), शासन, स्वास्थ्य‑सेवा, जलवायु लचीलापन, वृद्ध जनसंख्या और आर्थिक संभावनाएँ थीं। IIM कोझिकोडे के निदेशक प्रो. देबाशिस चटर्जी ने ‘AI युग में परिवर्तनशील नेतृत्व’ पर उद्घाटन सत्र दिया।
डॉ. अरविंद श्रीनिवासन, चेयरमन, अरविंद आई हॉस्पिटल, ने ‘केरल को स्वास्थ्य एवं वेलनेस डेस्टिनेशन बनाना’ पर सत्र संचालित किया, जिससे राज्य की मौजूदा स्वास्थ्य‑सेवा ताकतों को उजागर किया गया। जलवायु तैयारी पर सत्र ‘Living with Risk’ में केइओ विश्वविद्यालय (जापान) के डॉ. राजिब शॉ ने जापान के आपदा प्रबंधन के अनुभव साझा किए।
डॉ. संचान बंजरी, किंग्स कॉलेज लंदन, और IIM कोझिकोडे के प्रो. सिद्धार्थ पदही ने ‘नीति से व्यवहार तक: शासन को प्रभावी बनाना’ पर चर्चा की, जिसमें नीति कार्यान्वयन के वैज्ञानिक पहलुओं को समझाया गया।
दूसरा दिन का फोकस
रिट्रीट का दूसरा दिन राज्य की अर्थव्यवस्था, वित्तीय बुनियाद, रोजगार, उद्यमिता, कौशल विकास, उच्च शिक्षा, वैश्विक स्थिति और सिल्वर इकोनॉमी पर केंद्रित रहेगा। यह सत्र राज्य की भविष्य की विकास रणनीति को परिभाषित करने में मदद करेगा।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that such high‑level academic‑policy interfaces can accelerate Kerala’s transition to a knowledge‑driven economy, positioning it as a benchmark for other Indian states.
“Policy‑driven innovation, when blended with academic rigor, can unlock unprecedented growth for Kerala,” says Dr. Anupam Das, IIM Kozhikode.
Frequently Asked Questions
Q1: इस रिट्रीट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A1: केरल की दीर्घकालिक विकास रणनीतियों को AI, स्वास्थ्य, जलवायु लचीलापन और सिल्वर इकोनॉमी जैसे भविष्य के क्षेत्रों में संरेखित करना।
Q2: अगले दिन किन विषयों पर चर्चा होगी?
A2: राज्य की आर्थिक बुनियाद, नौकरियों का सृजन, कौशल प्रशिक्षण, उद्यमिता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर विस्तृत सत्र आयोजित होंगे।