भारत के कई राज्यों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं और विशेषज्ञ बताते हैं कि यह रोग एक से अधिक बार हो सकता है। एच1एन1 के अलग-अलग स्ट्रेन के कारण प्रतिरक्षा केवल एक स्ट्रेन के लिए होती है, जिससे पुनः संक्रमण संभव है। कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

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  • स्वाइन फ्लू कई स्ट्रेनों के कारण एक व्यक्ति को दोबारा हो सकता है।
  • पहले संक्रमण के बाद प्रतिरक्षा केवल उस स्ट्रेन के लिए बनी रहती है।
  • कमजोर प्रतिरक्षा वाले व्यक्तियों में पुनः संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है।

हाल के दिनों में दिल्ली, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में स्वाइन फ्लू के मामलों में तेज़ी से वृद्धि हुई है। अधिकांश रोगी कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, परंतु डॉक्टरों का कहना है कि यह बीमारी एक ही व्यक्ति को कई बार हो सकती है।

क्यों यह महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, एच1एन1 के चार प्रमुख स्ट्रेन (H1N1, H3N2, H1N2, H3N1) में से हर एक अलग प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न करते हैं। इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों में निरंतर जागरूकता और टीकाकरण कार्यक्रमों को मजबूत करने की आवश्यकता स्पष्ट होती है।

"एक बार संक्रमण के बाद भी रोग को फिर से रोकने के लिए मास्क, हाथ धोना और टीकाकरण अनिवार्य हैं," कहते हैं डॉ. सुभाष गिरी।
क्या आप जानते हैं? एच1एन1 वायरस के 2009 के वैश्विक महामारी के बाद से भारत में हर साल 1,000 से अधिक मामलों की रिपोर्ट आती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  1. क्या बिना बुखार के भी स्वाइन फ्लू हो सकता है?
  2. कौन से लक्षण दोबारा संक्रमण में अधिक गंभीर हो सकते हैं?