इंद्रनगर के 71 वर्षीय डॉक्टर को एक नकली ग्राहक सहायता लाइन से धोखा दिया गया, जिसके कारण उन्होंने अपनी डेबिट कार्ड विवरण साझा कर 5 लाख रुपये के कई ट्रांज़ैक्शन खो दिए। मामला पूर्वी केंद्र पुलिस द्वारा दर्ज किया गया है और जांच जारी है।
- फर्जी ग्राहक सहायता कॉल ने डॉक्टर को डेबिट कार्ड विवरण साझा करने के लिए उकसाया।
- 5 लाख रुपये के सात ट्रांज़ैक्शन एक ही समय में हुए।
- कस्टमर के पास फोन पर नियंत्रण था, जिससे OTP अलर्ट को रोक नहीं सका।
इंद्रनगर, बेंगलुरु के एक 71 वर्षीय डॉक्टर ने एक फर्जी ग्राहक सेवा कॉल के माध्यम से अपनी डेबिट कार्ड की जानकारी साझा कर 5 लाख रुपये का नुकसान किया। घटना बुधवार को शाम 4:30 बजे के आसपास हुई, जब डॉक्टर ने ऑनलाइन खरीदी गई शर्ट को वापस करने के लिए ग्राहक सहायता नंबर खोजा।
पहली दो बार कॉल कटने के बाद, “महिंद्रा पांडे” नामक एक व्यक्ति ने तीसरे कॉल पर जवाब दिया और डॉक्टर से कार्ड विवरण मांगा। फोन पर निर्देशों का पालन करते हुए, डॉक्टर ने बिना जाँच किए अपने मोबाइल को नियंत्रित कर दिया। पाँच मिनट के भीतर सात ट्रांज़ैक्शन हो गए, जिनकी कुल राशि ₹5 लाख थी।
डॉक्टर को ट्रांज़ैक्शन के लिए OTP अलर्ट मिले, पर मोबाइल पर नियंत्रण के कारण वह उन्हें रोक नहीं सके। पूर्वी केंद्र पुलिस ने इस घटना को दर्ज किया है और अपराधी की पहचान व धन की वापसी के लिए जांच शुरू कर दी है।
Why This Matters
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह मामला वृद्ध पीढ़ी के लिए डिजिटल सुरक्षा की बढ़ती जोखिम को उजागर करता है। फर्जी ग्राहक सहायता कॉल, जो अक्सर आधिकारिक प्रतीत होते हैं, आज के समय में सबसे प्रभावी धोखाधड़ी तरीकों में से एक बन गए हैं।
“इस तरह की धोखाधड़ी वृद्ध लोगों के विश्वास का दोहन करती है, जिससे वे तेजी से वित्तीय नुकसान उठाते हैं,” साइबर अपराध विशेषज्ञ डॉ. आर. कुमार ने कहा।
Frequently Asked Questions
1. वृद्ध लोगों को ऐसी धोखाधड़ी से कैसे बचाया जा सकता है? सबसे पहले, किसी भी कॉल पर व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा करने से पहले कॉलिंग नंबर को आधिकारिक वेबसाइट पर जाँचें। यदि संदेह हो तो तुरंत कॉल काट दें।
2. धोखाधड़ी के बाद क्या कदम उठाने चाहिए? तुरंत बैंक से संपर्क करके कार्ड ब्लॉक कराएं और फर्जी ट्रांज़ैक्शन के लिए रिपोर्ट दर्ज करें। साथ ही, मोबाइल को रीसेट कर सुरक्षा ऐप्स इंस्टॉल करें।