अली ताहिर पहाड़ी पर इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच लगातार टकराव जारी है, जिसमें ड्रोन्स और तोपखाने की बमबारी शामिल है। यह क्षेत्र दोनों पक्षों के लिए रणनीतिक महत्व रखता है और क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल सकता है।
- अली ताहिर पहाड़ी पर इज़राइल ने 18 वर्षों के बाद फिर से नियंत्रण स्थापित किया।
- हिज़्बुल्लाह ने ड्रोन और तोपखाने से इज़राइल के खिलाफ बार-बार हमला किया।
- इस संघर्ष का असर पूरे दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा पर पड़ सकता है।
अली ताहिर पहाड़ी पर इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच टकराव की कहानी 2000 में इज़राइल के लेबनान से पीछे हटने के बाद से शुरू हुई। 2026 के मध्य में हुए युद्धविराम के बावजूद, यह पहाड़ी अभी भी दोनों पक्षों के लिए रणनीतिक महत्त्व रखती है।
इज़राइल ने 3 सितंबर को घोषणा की कि उसने पहाड़ी और उसके नीचे के सुरंग नेटवर्क पर ऑपरेशनल नियंत्रण कर लिया है। इस घोषणा के तुरंत पहले, इज़राइली वायु सेना ने अभी भी पहाड़ी पर बमबारी जारी रखी, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया।
हिज़्बुल्लाह ने इस कदम को नकारात्मक रूप से स्वीकार किया और कहा कि यह क्षेत्र इज़राइल के लिए एक “सुरक्षा जाल” बन सकता है। अमेरिकी मध्यस्थता के बावजूद, लेबनानी सरकार और हिज़्बुल्लाह के बीच इस पहाड़ी के नियंत्रण पर स्पष्ट सहमति नहीं बनी है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, अली ताहिर पहाड़ी पर नियंत्रण इज़राइल को लेबनान के दक्षिणी हिस्से में अपनी उपस्थिति मजबूत करने और हिज़्बुल्लाह के बुनियादी ढांचे को नष्ट करने का अवसर देता है। इस संघर्ष का असर लेबनान के राजनीतिक परिदृश्य और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ेगा।
"हिज़्बुल्लाह की गहराई से बुनी हुई सुरंगें इज़राइल के लिए एक गंभीर चुनौती हैं, और यह संघर्ष क्षेत्रीय संतुलन को बदल सकता है।" – डॉ. मोहम्मद अल-हुसैन, मध्य पूर्व अध्ययन के प्रोफेसर।
पिछले कुछ महीनों में, इज़राइल ने अली ताहिर पर लगातार बमबारी की है, जिससे 11 नागरिकों की मौत हुई और क्षेत्रीय अवसंरचना को भारी क्षति पहुंची। यह स्पष्ट करता है कि संघर्ष की तीव्रता अभी भी बनी हुई है।
Frequently Asked Questions
1. क्या इज़राइल ने अली ताहिर पहाड़ी पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया है?
2. हिज़्बुल्लाह के ड्रोन हमलों का इज़राइल पर क्या प्रभाव पड़ा है?