नेपाल में तेज़ बाढ़ के कारण रासुवा जिले के ट्रिशुली-1 जलविद्युत परियोजना के सुरंग में 10 दिन तक फँसे चीनी नागरिक लुहाइतो को सैनिकों ने बचाया। इसके अलावा, नुवाकोट के एक घर से एक महिला को भी बचाया गया। इन बचावों से बाढ़ से प्रभावित 4,900 लोगों की खोज जारी है।
- चीनी नागरिक 10 दिन बाद सुरंग से बचाए गए
- नुवाकोट के घर से महिला को बचाया गया
- मृत्यु संख्या 1,344 पर पहुंची, 4,900 लोग अभी भी गायब
नेपाल में 5 सितंबर 2026 को तेज़ बाढ़ के बाद रासुवा जिले के ट्रिशुली-1 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में दस दिन तक फँसा हुआ चीनी नागरिक लुहाइतो को सैनिकों की त्वरित कार्रवाई से बचाया गया।
सैनिकों ने ट्रिशुली-3ए टनल से पहले दो कामगारों को बचाया था, पर यह नवीनतम बचाव सबसे जटिल परिस्थिति में हुआ, जहां पानी की गहराई और धारा की ताकत ने बचाव को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया।
साथ ही, नुवाकोट टाउन के एक घर से एक महिला को भी जीवित बचाया गया। यह घटना नेपाल सेना के विदेशी बचाव टीमों के साथ मिलकर किए गए संयुक्त प्रयास का परिणाम है।
नेपाल सेना के प्रवक्ता ने कहा, "एक संयुक्त बचाव टीम ने ट्रिशुली-1 जलविद्युत परियोजना में एक टनल से चीनी नागरिक लुहाइतो को जीवित बचाया है।" इस बयान के साथ, वे यह भी जोड़ते हैं कि बचाव के दौरान उन्हें अन्य जोखिमों का सामना करना पड़ा।
मृत्यु संख्या 1,344 पर पहुंच गई है, और पुलिस के अनुसार लगभग 4,900 लोग अभी भी गायब हैं। बचाव दल इस संख्या को घटाने के लिए लगातार खोज कार्य कर रहे हैं।
स्थानीय समुदायों पर इस बाढ़ का गहरा प्रभाव पड़ा है, जहां कई परिवारों को अपने घरों से विस्थापित होना पड़ा और बुनियादी ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ।
सरकारी अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने मिलकर सहायता योजनाएँ तैयार की हैं, जिनमें जल निकासी, आपातकालीन राहत और बाढ़ नियंत्रण के लिए नई रणनीतियाँ शामिल हैं।
Why This Matters
यह सफल बचाव जलवायु-प्रेरित आपदाओं के प्रति नेपाल की नाज़ुकता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
Frequently Asked Questions
Q1: बाढ़ के बाद कितने लोग अभी भी गायब हैं?
A1: लगभग 4,900 लोग अभी भी खोज के तहत हैं।
Q2: भविष्य में बाढ़ से जलविद्युत परियोजनाओं को सुरक्षित रखने के लिए कौन से उपाय किए जा रहे हैं?
A2: अधिकारियों ने बाढ़ नियंत्रण ढांचे की समीक्षा और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की योजना बनाई है।