अमेरिकी ट्रेजरी ने बैंक मिस्र की यूएई शाखाओं पर नया प्रतिबंध लगाया, जिससे ईरान को डॉलर तक पहुँचने में कठिनाई होगी। 1.8 अरब डॉलर के लेनदेन को रोकते हुए यह कदम ईरान के प्रॉक्सी युद्ध और परमाणु कार्यक्रम पर दबाव डालेगा।
- अमेरिकी ट्रेजरी ने बैंक मिस्र यूएई शाखाओं को प्रमुख मनी लॉन्ड्रिंग चिंता के रूप में नामित किया।
- ईरान ने इन शाखाओं के माध्यम से 1.8 अरब डॉलर के लेनदेन किए, जिनमें शेल कंपनियाँ शामिल थीं।
- प्रतिबंध का उद्देश्य ईरान पर उसके प्रॉक्सी युद्धों और परमाणु प्रयासों के लिए दबाव बनाना है।
अगस्त 28 को, अमेरिकी ट्रेजरी के सचिव स्कॉट बेसेन ने "ऑपरेशन इकॉनॉमिक आउटकास्ट" के दायरे को बढ़ाते हुए बैंक मिस्र की यूएई शाखाओं को "प्राथमिक मनी लॉन्ड्रिंग चिंता" के रूप में नामित किया। इस कदम से बैंक की यूएई में स्थित पाँच शाखाएँ—अबू धाबी, दुबई, शारजाह और रस अल खैमाह—सभी अमेरिकी वित्तीय संस्थानों द्वारा प्रतिबंधित हो जाएँगी।
बैंक मिस्र, मिस्र का दूसरा सबसे बड़ा राज्य‑स्वामित्व वाला बैंक, अपनी यूएई शाखाओं के माध्यम से ईरानी शेल कंपनियों को अमेरिकी डॉलर में लेनदेन करने की सुविधा देता रहा है। वित्तीय अपराध प्रवर्तन नेटवर्क (FinCEN) ने बताया कि ये शेल कंपनियाँ इरान की रक्षा मंत्रालय और इस्लामी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के फॉरंट कंपनियाँ थीं।
ईरानी नेटवर्क ने अपनी बहु‑क्षेत्रीय "शैडो बैंकिंग" संरचना के जरिए पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल निर्यात से कमाई को डॉलर में परिवर्तित किया। इस प्रक्रिया में शेल कंपनियाँ खाद्य, उपभोक्ता वस्तुओं और सामान्य व्यापार के नाम पर काम करती थीं, जबकि वास्तविक लाभार्थी IRGC और इराकी सैन्य लॉजिस्टिक विभाग के अधिकारी थे।
FinCEN के आँकड़ों के अनुसार, जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच बैंक मिस्र यूएई ने 103 कंपनियों के लिए लगभग 1.8 अरब डॉलर के लेनदेन किए, जिनमें पिछले 12 महीनों में 520 मिलियन डॉलर के लेनदेन शामिल थे। यह राशि ईरान के लिए महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत थी।
ईरान ने यूएई की शाखाओं को इसलिए चुना क्योंकि वहाँ की छोटी बैंकों में एआई‑आधारित अनुपालन प्रणालियाँ कम विकसित थीं। दुबई और हांगकांग जैसे तटस्थ व्यापार केंद्रों में, बैंक मिस्र ने पारंपरिक नाम‑मिलान सॉफ्टवेयर का उपयोग किया, जिससे शेल कंपनियाँ आसानी से अमेरिकी डॉलर में लेनदेन कर सकती थीं।
इस प्रतिबंध के चलते, अमेरिकी बैंक बैंक मिस्र यूएई के साथ अपने संबंध समाप्त कर देंगे, जिससे बैंक की अमेरिकी डॉलर क्लियरिंग क्षमता समाप्त हो जाएगी। इसके अलावा, स्थानीय डिरहम या वैकल्पिक विदेशी मुद्राओं में लेनदेन की लागत बढ़ेगी और समय विलंबित होगा। प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बैंक जैसे जेमपीओर्ग, सिटिग्रुप और डॉयचे बैंक भी मिस्र के वित्तीय सिस्टम पर कड़ी निगरानी बढ़ा रहे हैं।
अमेरिका द्वारा यह कदम क्षेत्रीय बैंकों को चेतावनी देता है कि विदेशी शाखाएँ जो अमेरिकी वित्तीय नियमों के तहत काम करती हैं, उन्हें भी सख्त निगरानी का सामना करना पड़ेगा। यह नीति भविष्य में अन्य सहयोगी देशों की शाखाओं पर भी लागू हो सकती है।
Why This Matters
बोझोक मीडिया विश्लेषण के अनुसार, इस प्रतिबंध से ईरान को अपने शैडो बैंकिंग नेटवर्क को पुनर्गठित करना पड़ेगा, जिससे उसकी वैश्विक आर्थिक गतिविधियाँ प्रभावित होंगी।
"ईरान को अब अपने वित्तीय इन्फ्रास्ट्रक्चर को फिर से डिज़ाइन करना पड़ेगा, अन्यथा वह अंतरराष्ट्रीय बाजारों से और अधिक कट जाएगा," कहते हैं वित्तीय विश्लेषक डॉ. सारा जॉनसन।
Frequently Asked Questions
1. बैंक मिस्र यूएई पर प्रतिबंध का असर क्या होगा? बैंक की अमेरिकी डॉलर क्लियरिंग क्षमता समाप्त हो जाएगी, जिससे ईरानी कंपनियों को वैकल्पिक मुद्राओं का उपयोग करना पड़ेगा।
2. क्या यह प्रतिबंध अन्य देशों के बैंक मिस्र शाखाओं पर भी लागू होगा? नहीं, यह प्रतिबंध केवल यूएई में स्थित पाँच शाखाओं पर लागू है।