अंध्र प्रदेश के पशु चिकित्सा सहायक सर्जन (VAS) कक्षा‑ए के 2,500 से अधिक स्नातक, पशु स्वास्थ्य और दूध उत्पादन को प्रभावित करते हुए, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं। 7 सितंबर को वसाखापत्तनम के विधायक पी. विष्णु कुमार राजू से मिलने की योजना है।

  • 2,500 से अधिक पशु चिकित्सा स्नातक मेरिट‑आधारित भर्ती के लिए दबाव बना रहे हैं।
  • वसाखापत्तनम के विधायक पी. विष्णु कुमार राजू ने बैठक की व्यवस्था की है।
  • उम्मीद है कि 164 वैध VAS कक्षा‑ए रिक्तियों को प्रतिस्पर्धी परीक्षा के माध्यम से भरना शुरू होगा।

अंध्र प्रदेश के पशु चिकित्सा सहायक सर्जन (VAS) कक्षा‑ए के उम्मीदवार, जो पशु स्वास्थ्य और दूध उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण हैं, लगातार भर्ती में देरी के कारण निराश हैं। 2,500 से अधिक योग्य स्नातक अब भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, जिससे पशु रोग निगरानी और पशुपालन पर असर पड़ रहा है।

वसाखापत्तनम के उत्तर क्षेत्र के विधायक, पी. विष्णु कुमार राजू, ने इस मुद्दे पर ध्यान देते हुए 7 सितंबर को अपने कार्यालय में उम्मीदवारों को सुनने की सहमति दी है। यह कदम राज्य सरकार और पशु पालन विभाग के बीच पारदर्शिता के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

उम्मीदवारों का कहना है कि टेलंगाना और अन्य राज्यों की तरह एक खुली, प्रतियोगी परीक्षा, चाहे वह लिखित हो या कंप्यूटर आधारित, मेरिट‑आधारित चयन सुनिश्चित करेगी। 164 मंजूर VAS कक्षा‑ए रिक्तियों के लिए कुल 2,500 आवेदकों के साथ, एक ही चरण की परीक्षा की मांग की जा रही है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि पशु चिकित्सा क्षेत्र में भर्ती में पारदर्शिता न केवल पेशेवरों के मनोबल को बढ़ाती है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर भी प्रत्यक्ष प्रभाव डालती है। एक कुशल पशु चिकित्सक दल का अभाव दूध उत्पादन और रोग नियंत्रण में बाधा पैदा कर सकता है, जिससे किसानों की आय पर असर पड़ता है।

"एक प्रतियोगी परीक्षा से न केवल मेरिट पर आधारित चयन सुनिश्चित होता है, बल्कि यह सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग भी करता है," कहते हैं डॉ. राधा सिंह, पशु चिकित्सा नीति विशेषज्ञ।
Did You Know?: 2015 से भारत में पशु चिकित्सकों की मांग 30% से अधिक बढ़ी है, जिससे ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ा है।

Frequently Asked Questions

Q1: VAS कक्षा‑ए रिक्तियों के लिए कितनी पदों की पुष्टि हुई है?

A1: कुल 164 पदों की पुष्टि की गई है, जिन्हें प्रतिस्पर्धी परीक्षा के माध्यम से भरा जाना है।

Q2: क्या इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का भेदभाव हो रहा है?

A2: वर्तमान में, चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के कारण भेदभाव के दावे उभर रहे हैं।