रूस ने डोनबास के शेष हिस्से को पकड़ने की कोशिश में स्लोव्यान्स्क और क्रामातोर्स्क पर तीव्र बमबारी की। पुलिस ने नागरिकों को तुरंत निकासी करने का निर्देश दिया, क्योंकि सुरक्षा स्थिति बिगड़ गई है।

  • रूसी ग्राउंड आक्रमण ने स्लोव्यान्स्क‑क्रामातोर्स्क को लक्ष्य बनाया
  • नागरिकों को निकासी के लिए कहा गया, कई परिवार पहले ही खाली हो रहे हैं
  • ग्लाइड बम और ड्रोन हमले से नागरिक हताहत बढ़े

रूस के सैन्य बलों ने डोनबास के अंतिम यूक्रेनी‑नियंत्रित किले‑बेल्ट में स्थित स्लोव्यान्स्क और क्रामातोर्स्क पर तीव्र ग्राउंड और हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। डोनेट्स्क पुलिस के प्रमुख पाव्लो द्याचेंको के अनुसार, सुरक्षा स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि नागरिकों को तुरंत शहर छोड़ने का आदेश दिया गया है।

स्लोव्यान्स्क पहले सप्ताह में एक बार ग्लाइड बम से लक्षित होता था, लेकिन अब यह लगभग रोज़ाना बमबारी का शिकार बन रहा है। दोनों शहरों में ड्रोन, एंटी‑ड्रोन नेट और निरंतर विस्फोट सुनाई दे रहे हैं, जिससे नागरिक जीवन अत्यधिक जोखिम में है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

डोनबास, जिसमें डोनेट्स्क और लुहांस्क दोनों क्षेत्र शामिल हैं, 2014 के बाद से रूसी‑समर्थित अलगाववादी समूहों और यूक्रेन के बीच संघर्ष का केंद्र रहा है। 2022 में रूसी पूर्ण‑स्तरीय आक्रमण ने इस क्षेत्र को फिर से युद्ध के मैदान में बदल दिया, जहाँ किले‑बेल्ट का उद्देश्य पूर्वी यूक्रेन को रोकना था।

क्रामातोर्स्क डोनेट्स्क क्षेत्रीय प्रशासन का मुख्यालय है, जबकि स्लोव्यान्स्क और कोस्ट्यांटिनिव्का को यूक्रेन ने "फोर्ट्रेस बेल्ट" कहा है, जो भारी सुदृढ़ीकरण वाली रक्षा रेखाएँ हैं। रूस ने लुहांस्क का अधिकांश हिस्सा पहले ही कब्जा कर लिया है और अब डोनेट्स्क के 80% को नियंत्रित कर रहा है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that यदि रूस इन दो किले‑शहरों को पूरी तरह से नियंत्रित कर लेता है, तो वह डोनबास के शेष हिस्से को जल्दी से कब्जा कर लेगा और पश्चिम की ओर अपनी सैन्य प्रगति को तेज़ी से बढ़ा सकेगा। यह न केवल यूक्रेन की रणनीतिक स्थिति को बदल देगा, बल्कि यूरोपीय सुरक्षा संरचना पर भी गहरा प्रभाव डालेगा।

"ग्लाइड बम का उपयोग यूक्रेनी नागरिकों के लिए एक नई भयावहता लेकर आया है," कहा गया है अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ ने।

जून से अगस्त 2022 तक दो शहरों में घायल लोगों की संख्या 70 से बढ़कर 212 हो गई, जबकि मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती रही। इस अवधि में रूसी ग्लाइड बम की संख्या भी 40 से बढ़कर 109 तक पहुंच गई।

Did You Know?: ग्लाइड बम को अक्सर "साइलेंट किलर" कहा जाता है क्योंकि यह बिना आवाज़ के लक्ष्य तक पहुंचता है और बड़ी विनाशकारी शक्ति रखता है।

Frequently Asked Questions

Q1: क्या यूक्रेन इस क्षेत्र को बचाने के लिए नई सैन्य रणनीति अपना रहा है?

A: हाँ, राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने दो नई टास्क‑फोर्स बनाई हैं, जिनका नेतृत्व जनरल अंद्रे बिलेत्स्की और देनिस प्रकोपेंको कर रहे हैं।

Q2: अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इन हमलों पर क्या प्रतिक्रिया दे रहा है?

A: कई पश्चिमी देशों ने इस हमले की निंदा की है और यूक्रेन को अतिरिक्त सैन्य सहायता प्रदान करने की घोषणा की है।