भारत सरकार ने ई‑कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्मों पर फर्जी डिस्काउंट और डार्क पैटर्न को रोकने के लिए कठोर नियम पेश किए हैं। 1 जनवरी 2027 से लागू ये नियम ग्राहक की पारदर्शिता और सुरक्षा को मजबूत करेंगे।

  • नए नियम 1 जनवरी 2027 से लागू
  • प्राइस कट में पूर्व कीमत और डिस्काउंट का स्पष्ट उल्लेख अनिवार्य
  • डार्क पैटर्न और स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग पर सख्त निगरानी

भारत सरकार ने ई‑कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्मों पर फर्जी डिस्काउंट दिखाकर ग्राहकों को गुमराह करने वाले “डार्क पैटर्न” को रोकने के उद्देश्य से व्यापक नियमावली तैयार की है। ये नियम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (ई‑कॉमर्स) रूल्स, 2020 में संशोधन के रूप में 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे।

प्राइस डिस्प्ले में पारदर्शिता

अब सभी ई‑कॉमर्स कंपनियों को किसी भी प्रोडक्ट की पूर्व मूल्य (Prior Price) और वर्तमान मूल्य दोनों को स्पष्ट रूप से दिखाना होगा। इससे वह “उच्च कीमत को घटाकर बड़ी छूट दिखाने” की चाल नहीं चला पाएंगे। ग्राहक आसानी से वास्तविक बचत का अनुमान लगा सकेंगे।

सर्च परिणाम और स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग पर नई शर्तें

सर्च एल्गोरिद्म में मनमाने बदलाव और पेड प्रमोशन को छुपाने की प्रथा पर रोक लगाई गई है। प्लेटफ़ॉर्म को प्रत्येक स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग को स्पष्ट रूप से चिन्हित करना अनिवार्य होगा, जिससे उपभोक्ता को पता रहेगा कि कौन‑सा परिणाम सामान्य खोज है और कौन‑सा भुगतान‑आधारित प्रमोशन।

डार्क पैटर्न पर सख़्त नियंत्रण

डार्क पैटर्न – यानी ऐसी डिज़ाइन तकनीकें जो उपयोगकर्ता को अनिच्छित विकल्पों की ओर धकेलती हैं – को रोकने के लिए कंपनियों को “डार्क पैटर्न्स, 2023” गाइडलाइन का पालन करना पड़ेगा। साथ ही सालाना स्वयं‑ऑडिट और कम्प्लायंस सर्टिफ़िकेट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

ग्राहक शिकायत प्रबंधन में सुधार

प्रत्येक ई‑कॉमर्स इकाई को राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) के साथ साझेदारी करनी होगी। शिकायत दर्ज करने पर ग्राहक को वही शिकायत कॉपी मिलेगी जो ग्रिवेंस ऑफिसर ने रिकॉर्ड की है, जिससे आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। 2025 में NCH को 17,71,622 शिकायतें मिलीं, जिनमें 29 % ई‑कॉमर्स से संबंधित थीं।

उत्पाद जानकारी का विस्तृत खुलासा

सभी उत्पादों पर “Best Before”, “Use Before”, रिटर्न, रिफंड, वारंटी, डिलीवरी और पेमेंट शर्तें स्पष्ट रूप से बताई जानी चाहिए। आयातित वस्तुओं के लिए इम्पोर्टर का नाम और मूल देश (Country of Origin) भी दर्शाना अनिवार्य होगा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that these regulations will likely curb deceptive pricing practices, boost consumer confidence, and push Indian e‑commerce giants to adopt more transparent UI/UX designs, aligning the market with global best‑practice standards.

“डार्क पैटर्न पर कड़ी कार्रवाई से ऑनलाइन शॉपिंग का माहौल अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बन जाएगा,” कहा डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ प्रिया शर्मा।
Did You Know?: भारत में 2022 में ऑनलाइन शॉपिंग पर फर्जी डिस्काउंट से जुड़ी शिकायतें 1.2 मिलियन से अधिक दर्ज हुई थीं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: नए नियमों के तहत ई‑कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म को कौन‑सी जानकारी अनिवार्य रूप से दिखानी होगी?
उत्तर: पूर्व कीमत, वर्तमान कीमत, डिस्काउंट प्रतिशत, स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग की पहचान, और सभी उत्पाद‑संबंधी शर्तें जैसे रिटर्न, वारंटी आदि।

प्रश्न 2: यदि कोई प्लेटफ़ॉर्म नियम तोड़ता है तो क्या दंड होगा?
उत्तर: उल्लंघन पर ₹10 लाख तक का जुर्माना, साथ ही प्लेटफ़ॉर्म को प्रतिबंधित करने की संभावना भी है।