चिली में 53 साल बाद पिनोचेते के तख्तापलट की याद में बड़े विरोध हुए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव ने देश के इतिहास को फिर से उजागर किया।
- पिनोचेते के तख्तापलट की 53वीं वर्षगाँठ पर बड़े प्रदर्शन
- फर-राइट सरकार को पिनोचेते की छवि पुनर्स्थापित करने का आरोप
- पुलिस और विरोधियों के बीच हिंसक टकराव, कई घायल
सांता क्लारा, चिली – 12 सितंबर 2026 को, देश ने 9 नवंबर 1973 को हुए सैन्य तख्तापलट के 53वें वर्षगाँठ को चिह्नित किया। इस अवसर पर हजारों चिलियन ने सैंटियागो की सड़कों में इकट्ठा होकर पूर्व डिक्टेटर ऑगस्टो पिनोचेते की विरासत को चुनौती दी।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्तमान दाहिनी सरकार पिनोचेते के शासन को पुनः मान्य करने की कोशिश कर रही है, जबकि कई लोगों ने इसे मानवाधिकारों के उल्लंघन की याद दिलाने के रूप में देखा। पुलिस ने भीड़ नियंत्रण के लिए रबर बुलेट और जलरोधी गैस का प्रयोग किया, जिससे कई घायल हुए।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 1973 में, संयुक्त राज्य अमेरिका के समर्थन से पिनोचेते ने लोकतांत्रिक राष्ट्रपति सल्वादोर अलेंदे को हटाया और 17 साल तक सख्त सैन्य शासन चलाया। इस अवधि में 3,000 से अधिक लोग गायब हुए, हजारों को यातना दी गई और कई लोगों को बंधक बना लिया गया। 1990 में पिनोचेते को सत्ता से हटाया गया, लेकिन उनके कार्यों का दायरा अभी भी चिली के सामाजिक और राजनीतिक विमर्श में गूंजता है।
वर्तमान में, राष्ट्रपति गैब्रिएला बोरिक की सरकार को पिनोचेते के स्मारकों की पुनर्स्थापना और उनके कार्यों को “देश के विकास के लिए आवश्यक” बताने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। विपक्षी दल और मानवाधिकार संगठनों ने इस कदम को इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश कहा है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the resurgence of Pinochet‑era narratives threatens Chile’s fragile democratic institutions and could embolden other Latin American right‑wing movements seeking to rewrite authoritarian pasts.
“चिली का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि वह अपने इतिहास को कैसे याद रखता है, न कि उसे मिटाने की कोशिश करता है,” कहा इतिहास विशेषज्ञ डॉ. मारिया गोंजालेज़ ने।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, इस संघर्ष को मानवाधिकार निगरानी समूहों ने देखा है, जो तख्तापलट के पीड़ितों के परिवारों के लिए न्याय की माँग कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी चिली में न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए आग्रह किया है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या पिनोचेते के कार्यों के लिए अभी भी कोई कानूनी प्रक्रिया चल रही है?
उत्तर: हाँ, कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू अदालतें अभी भी मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों की जांच कर रही हैं।
प्रश्न 2: क्या इस वर्ष के प्रदर्शन में कोई राजनीतिक दल प्रमुख भूमिका निभा रहा है?
उत्तर: मुख्य रूप से बाएँ‑पक्षीय गठबंधन और मानवाधिकार NGOs ने आंदोलन का नेतृत्व किया है, जबकि सरकार ने इसे अस्थिरता के रूप में वर्णित किया है।