राष्ट्रीय मेडिकल आयोग (NMC) ने 2026‑27 शैक्षणिक वर्ष के लिए MBBS सीटों की नई तालिका जारी की और सभी मेडिकल कॉलेजों को अनुमत क्षमता से अधिक प्रवेश न देने का निर्देश दिया। यह संशोधन नई कॉलेजों की स्वीकृति और मौजूदा कॉलेजों के इंटेक में वृद्धि को दर्शाता है।

  • 2026‑27 में कुल 1,40,214 MBBS सीटें 836 कॉलेजों में उपलब्ध हैं
  • नए और अतिरिक्त सीटों की स्वीकृति MARB के निर्णयों पर निर्भर है
  • कॉलिंग कमेटी को बिना बैंक गारंटी वाले निजी कॉलेजों के प्रवेश पर रोक

राष्ट्रीय मेडिकल आयोग (NMC) ने 2026‑27 शैक्षणिक वर्ष के लिए MBBS सीट मैट्रिक्स में महत्वपूर्ण संशोधन किया। इस नई तालिका में 836 मेडिकल कॉलेजों में कुल 1,40,214 सीटें दर्शायी गई हैं, जिसमें 63,971 सरकारी और 76,243 निजी कॉलेजों की सीटें शामिल हैं। यह अपडेट पहले के 1,27,028 सीटों वाले मैट्रिक्स से 13,186 अतिरिक्त सीटें जोड़ता है।

नियमों के अनुसार, NMC ने सभी मेडिकल कॉलेजों और काउंसिलिंग प्राधिकरणों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे केवल अनुमत क्षमता के भीतर ही प्रवेश दें। आयोग ने कहा कि "किसी भी परिस्थिति में" कॉलेज को अपने वार्षिक इंटेक से अधिक छात्रों को प्रवेश नहीं देना चाहिए, अन्यथा यह राष्ट्रीय मेडिकल आयोग अधिनियम, 2019 के तहत दंडनीय होगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले कुछ वर्षों में भारत में मेडिकल शिक्षा की मांग में तीव्र वृद्धि हुई है, जिससे कई नई मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और मौजूदा संस्थानों के इंटेक में वृद्धि की प्रक्रिया तेज हुई। NMC की मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने कई अपील कमेटियों के माध्यम से नई स्वीकृतियों और इंटेक बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। यह प्रक्रिया अक्सर विवादित रही है, क्योंकि कुछ कॉलेजों ने बिना पूर्ण दस्तावेज़ीकरण के प्रवेश शुरू कर दिया था।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the revised seat matrix not only impacts over 1.4 लाख aspirants preparing for NEET‑UG, but also sets a precedent for stricter regulatory oversight, ensuring that medical education quality is not compromised by unchecked seat inflation.

"सही और पारदर्शी सीट मैट्रिक्स ही मेडिकल शिक्षा की विश्वसनीयता को बनाए रख सकता है," प्रो. अंजली सिंह, स्वास्थ्य नीति विशेषज्ञ ने कहा।

नई तालिका में निजी कॉलेजों को सात दिनों के भीतर इलेक्ट्रॉनिक बैंक गारंटी जमा करने की आवश्यकता है, जिससे MARB को अनुमोदन पत्र जारी करने से पहले वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इस दिशा‑निर्देश का उल्लंघन करने वाले कॉलेजों पर नियामक कार्रवाई की संभावना है।

Did You Know?: भारत में केवल 5% मेडिकल कॉलेजों को ही राष्ट्रीय स्तर पर पूर्ण स्वीकृति मिलती है, बाकी कॉलेजों को वार्षिक पुनर्मूल्यांकन से गुजरना पड़ता है।

Frequently Asked Questions

Q1: क्या 2026‑27 में सभी छात्र नई सीट मैट्रिक्स के अनुसार प्रवेश ले पाएंगे?
A: हाँ, यदि कॉलेज ने MARB की सभी शर्तें पूरी कर ली हैं और बैंक गारंटी जमा कर दी है, तो नई सीटें वैध मानी जाएँगी।

Q2: यदि कोई कॉलेज अनधिकृत रूप से अतिरिक्त छात्रों को प्रवेश देता है तो क्या होगा?
A: ऐसा करने वाले कॉलेज को राष्ट्रीय मेडिकल आयोग अधिनियम, 2019 के तहत दंड, जुर्माना या लाइसेंस रद्दीकरण का सामना करना पड़ सकता है।