ब्रीक्स शिखर सम्मेलन में इरानी राष्ट्रपति मसोद पेरज़ेश्कियन ने पश्चिमी देशों के एकतरफा प्रतिबंधों पर तीखी आलोचना करते हुए वैश्विक खाद्य सुरक्षा और लोगों के कल्याण पर उनके प्रतिकूल प्रभाव को उजागर किया।

  • पश्चिमी प्रतिबंधों से वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
  • ब्रीक्स को राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने और नई विकास बैंक को सुदृढ़ करने का आह्वान।
  • सफलता, सहयोग और स्थिरता पर बल देते हुए न्यायसंगत अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की माँग।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में इरानी राष्ट्रपति मसूद पेरज़ेश्कियन ने पश्चिमी शक्तियों पर तीखी आलोचना करते हुए एकतरफा प्रतिबंधों के वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर गहरे प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ये प्रतिबंध न केवल इरान की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि विश्वभर के लोगों के पोषण और जीवन स्तर को भी खतरे में डालते हैं।

पेरज़ेश्कियन ने ब्रीक्स को केवल उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग का मंच नहीं, बल्कि एक अधिक संतुलित, समावेशी और न्यायसंगत विश्व व्यवस्था के प्रतीक के रूप में देखा। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी देश को अकेले वैश्विक चुनौतियों का सामना नहीं करना चाहिए और ब्रीक्स को इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।

उन्होंने राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ाने और नई विकास बैंक (NDB) की भूमिका को सुदृढ़ करने का प्रस्ताव रखा, ताकि आर्थिक लचीलापन बढ़े और प्रतिबंधों के प्रभाव को कम किया जा सके। इसके साथ ही, उन्होंने ब्रीक्स के भीतर ऊर्जा और परिवहन क्षमताओं को एकीकृत करके व्यापारिक एवं ऊर्जा कॉरिडॉर विकसित करने की बात कही।

ब्रीक्स के प्रमुख विषय 'सहनशीलता, सहयोग और स्थिरता' को पेरज़ेश्कियन ने वैश्विक जरूरतों के अनुरूप बताया। उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने शिखर सम्मेलन की मेजबानी की।

पेरज़ेश्कियन ने युद्ध के पर्यावरणीय प्रभावों पर भी चेतावनी दी, यह कहते हुए कि ऊर्जा और औद्योगिक ढाँचे को हुए नुकसान से प्राकृतिक संसाधनों पर दीर्घकालिक असर पड़ सकता है। उन्होंने ब्रीक्स को राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।

Why This Matters

ब्रीक्स के सदस्य देशों के लिए यह संदेश स्पष्ट है: वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में बदलाव के साथ, प्रतिबंधों के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के लिए आर्थिक लचीलापन और बहु-मुद्रा व्यापार की आवश्यकता बढ़ रही है। ब्रीक्स की भूमिका को मजबूत करना, वैश्विक खाद्य सुरक्षा और विकास के लिए अत्यावश्यक है।

"ब्रीक्स को आर्थिक और राजनीतिक लचीलापन बढ़ाने के लिए बहु-मुद्रा व्यापार और नई विकास बैंक को सुदृढ़ करना चाहिए," कहते हैं अर्थशास्त्री डॉ. सुमन पांडे।
Did You Know?: ब्रीक्स के नए विकास बैंक ने 2026 तक 50 बिलियन डॉलर के विकास परियोजनाओं का समर्थन करने की योजना बनाई है।

Frequently Asked Questions

1. क्या पेरज़ेश्कियन के बयान से ब्रीक्स की नीतियाँ प्रभावित होंगी?

ब्रीक्स के भीतर बहस बढ़ सकती है, पर वर्तमान में ब्रीक्स की नीतियाँ सदस्य देशों की सहमति से तय होती हैं।

2. इरान पर प्रतिबंधों का खाद्य सुरक्षा पर क्या असर हुआ है?

प्रतिबंधों से आयातित खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे ग्रामीण और निम्न-आय वर्ग पर अधिक दबाव पड़ा है।