पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की से रूसी डीज़ल रिफ़ाइनरी पर हमलों को रोकने का आग्रह किया, यह कहते हुए कि इन हमलों के कारण वैश्विक डीज़ल की कमी और बढ़ती कीमतें हो रही हैं।

  • ट्रम्प ने यूक्रेन के हमलों को वैश्विक डीज़ल कमी का मुख्य कारण बताया।
  • यूक्रेन ने रूसी रिफ़ाइनरी को वैध सैन्य लक्ष्य माना है।
  • यू.एस. में डीज़ल कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे चुनावी माहौल प्रभावित हो रहा है।

रविवार को, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने गोल्फ कोर्स, डूनबेक, आयरलैंड से विश्व को संबोधित करते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की से रूसी डीज़ल रिफ़ाइनरी पर हमलों को रोकने का आग्रह किया। ट्रम्प ने दावा किया कि ये हमले वैश्विक डीज़ल कमी और बढ़ती ईंधन कीमतों का मुख्य कारण हैं।

ट्रम्प के बयान उस समय आए जब ऊर्जा बाजार पहले से ही उथल-पुथल में था, क्योंकि फरवरी में अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हमला किया, जिससे तेल की कीमतें $100 से ऊपर चली गईं और वैश्विक डीज़ल कीमतों में उछाल आया।

यूक्रेन का तर्क है कि रूसी ऊर्जा अवसंरचना को लक्षित करना वैध सैन्य लक्ष्य है, क्योंकि रशिया का तेल और गैस क्षेत्र मॉस्को के युद्ध बजट का मुख्य स्तंभ है। यूक्रेनी सैन्य ने लगातार तातारस्तान क्षेत्र की रिफ़ाइनरी पर हमले किए हैं, जिससे रूस ने निर्यात प्रतिबंध लागू कर अपनी डीज़ल उत्पादन को और घटा दिया है।

क्लपर के आंकड़ों के अनुसार, रूस की डीज़ल निर्यात अगस्त में 591,000 बैरल प्रति दिन तक गिर गई, जबकि 2025 का औसत 860,000 बैरल प्रति दिन था। गैल्फ के साथ संयुक्त रूप से वैश्विक डीज़ल आपूर्ति 1.6 मिलियन बैरल प्रति दिन से नीचे आ गई, फरवरी की शिखर से लगभग 30% की कमी।

संयुक्त राज्य अमेरिका में, डीज़ल कीमतें फरवरी के ईरानी हमले के बाद से लगभग 65% बढ़ गई हैं, और राष्ट्रीय औसत रविवार को $6.20 प्रति गैलन तक पहुंच गया। यह उछाल परिवहन और उत्पादन लागतों को बढ़ा रहा है, जिससे रोज़मर्रा की वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं और ट्रम्प अभियान पर राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है।

ऊर्जा विश्लेषकों का मानना है कि जबकि यूक्रेनी हमले एक भूमिका निभाते हैं, व्यापक तस्वीर अमेरिकी मध्य पूर्व में सैन्य कार्रवाइयों और रिफ़ाइनरी क्षति के कारण है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने कहा है कि रिफ़ाइनरी उत्पादन में कमी और निर्यात सीमाएं आपूर्ति संकट को बढ़ा रही हैं।

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि युद्ध और ऊर्जा अवसंरचना का संगम वैश्विक व्यापार को मंदी की ओर ले जा सकता है, महंगाई बढ़ा सकता है और प्रमुख बाजारों में राजनीतिक स्थिरता को तनाव दे सकता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि युद्ध और ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान का संगम वैश्विक अर्थव्यवस्था को मंदी की ओर धकेल सकता है।

"डीज़ल की कमी का वास्तविक कारण रिफ़ाइनरी क्षति और निर्यात प्रतिबंधों का समग्र प्रभाव है, न कि सिर्फ यूक्रेनी हमले," कहते हैं डॉ. एलेना पेट्रोव, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा संस्थान की वरिष्ठ ऊर्जा अर्थशास्त्री।
Did You Know?: रूस एक समय में विश्व के डीज़ल का लगभग 45% आपूर्ति करता था, लेकिन यूक्रेन संघर्ष के बाद इसकी हिस्सेदारी लगभग 15% रह गई है।

Frequently Asked Questions

Q1: ट्रम्प यूक्रेन के हमलों को डीज़ल कमी से क्यों जोड़ते हैं?
A1: ट्रम्प का मानना है कि रूसी रिफ़ाइनरी पर हमले वैश्विक डीज़ल आपूर्ति को सीधे घटाते हैं, जिससे कीमतें बढ़ती हैं।

Q2: क्या यू.एस. डीज़ल कमी को कम कर सकता है?
A2: यू.एस. घरेलू रिफ़ाइनिंग क्षमता बढ़ाकर और आयातों में विविधता लाकर मदद कर सकता है, पर भू-राजनीतिक बाधाएं त्वरित राहत को सीमित करती हैं।