हाअर्ट्ज़ ने बताया कि इज़राइली प्रभाव विशेषज्ञों और एक पूर्व मोसाद अधिकारी ने अक्टूबर 2023 के हमलों के बाद कतर को लक्ष्य बनाते हुए एक गुप्त सामाजिक‑मीडिया अभियान चलाया, जिसे कुछ हफ़्तों में ही रोक दिया गया। यह अभियान कतर को हमास पर दबाव डालने की कोशिश में बनाया गया था।
- 30 विशेषज्ञों ने कतर को लक्ष्य बनाकर गुप्त सोशल‑मीडिया अभियान चलाया
- उद्देश्य: कतर को हमास के साथ संबंधों पर अंतरराष्ट्रीय दबाव डालना
- अभियान कुछ हफ़्तों में बंद कर दिया गया, कारण अभी अस्पष्ट
गुप्त अभियान की शुरुआत
इज़राइल‑हामास संघर्ष के बाद, अक्टूबर 7, 2023 के हमलों के कुछ ही दिनों में एक समूह ने Free the Kidnapped नामक व्हाट्सऐप समूह बनाया। हाअर्ट्ज़ के अनुसार, इस समूह में लगभग 30 लोग शामिल थे, जिनमें प्रभाव संचालन, मनोवैज्ञानिक युद्ध और राजनीतिक सलाहकार शामिल थे।
कतर को लक्ष्य बनाना क्यों?
समूह का मानना था कि कतर, जो हमास के साथ मध्यस्थता करता है, पर अंतरराष्ट्रीय दबाव डालने से कतर हमास को बंधक मुक्त करने के लिए राजी हो सकता है। इस विचार के पीछे कतर के 251 बंधकों को मुक्त करने की आशा थी।
अभियान की कार्यवाही
सदस्य ने दान एकत्र किए, कई भाषाओं में वेबसाइट बनाई, वीडियो तैयार किए और पत्रकारों से संपर्क किया। व्हाट्सऐप समूह में एक संदेश "Qatar‑ISIS Ltd" और "Hamas is ISIS" जैसी त्वरित अभिव्यक्तियों का प्रयोग हुआ, जिसे बाद में सोशल‑मीडिया पर फैलाया गया।
एक पूर्व मोसाद अधिकारी की भागीदारी
हाअर्ट्ज़ ने बताया कि इस समूह में एक पूर्व मोसाद अधिकारी भी शामिल था, जो अभियान की रणनीति को आकार देने में मदद करता था। इस तथ्य ने अभियान की गुप्त प्रकृति को और भी उजागर किया।
अभियान का अचानक अंत
लगभग एक महीने बाद, समूह ने अभियान को बंद कर दिया। एक प्रतिभागी ने कहा, "हमने कतर अभियान को बंद कर दिया, उसके बाद कुछ नहीं सुना।" कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया कि यह कवरेज को छुपाने या किसी अन्य इकाई को सौंपने के लिए किया गया हो सकता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
कतर ने 2012 से हमास का राजनीतिक कार्यालय मेजबानी किया है और कई बार इज़राइल‑हामास वार्ता में मध्यस्थता की है। 2023 की गाज़ा युद्ध के दौरान कतर पर हमास को वित्तीय समर्थन देने का आरोप लगा, जिसे कतर ने सख्त पारदर्शिता के साथ खारिज किया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that such covert influence campaigns illustrate how states leverage non‑state actors to shape international opinion, raising ethical concerns about information warfare and the manipulation of public discourse.
"ऐसे अभियान बिना किसी राज्य के समर्थन के संभव नहीं होते," मार्क ओवेन जोंस ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या इस अभियान का कोई आधिकारिक सरकारी समर्थन था?
उत्तर: हाअर्ट्ज़ ने कहा है कि समूह के सदस्यों की पहचान गुप्त रखी गई है, लेकिन कई विश्लेषक मानते हैं कि यह इज़राइल के रणनीतिक उद्देश्यों के साथ संरेखित था।
प्रश्न 2: कतर ने इस अभियान के बारे में क्या प्रतिक्रिया दी?
उत्तर: कतर ने अभी तक इस गुप्त अभियान के बारे में कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।