एक टेस्ला चालक को 100 किमी/घंटा की रफ्तार पर सोते हुए रिकॉर्ड किया गया, जबकि कार में दो छोटे बच्चे भी सवार थे। बड़ी धूप के चश्मे ने वाहन की आँख‑ट्रैकिंग मॉनिटरिंग को अक्षम कर दिया, जिससे सुरक्षा तकनीक में गंभीर खामियों का पता चला।
एक वायरल वीडियो ने टेस्ला की उन्नत ड्राइवर मॉनिटरिंग प्रणाली (DMS) में मौजुद एक गंभीर त्रुटि को उजागर किया। वीडियो में दिखाया गया है कि एक टेस्ला चालक 100 किमी/घंटा की गति से चलाते हुए अपनी आँखें बंद करके सो गया, जबकि कार के अंदर दो छोटे बच्चे भी मौजूद थे।
घटना का विवरण
घटना का पता टेस्ला के ऑन‑बोर्ड कैमरों ने लगाया, जो सामान्यतः चालक की आँखों की स्थिति को निरंतर ट्रैक करते हैं। लेकिन इस बार चालक ने बड़े आकार के धूप के चश्मे पहने हुए थे, जिससे कैमरा आँखों को पहचान नहीं सका और सिस्टम ने चेतावनी नहीं दी। परिणामस्वरूप, वाहन ने कोई स्वचालित हस्तक्षेप नहीं किया और चालक की नींद जारी रही।
तकनीकी विफलता का कारण
टेस्ला की DMS मुख्यतः इन्फ्रारेड सेंसर और कैमरा‑आधारित आँख‑ट्रैकिंग पर निर्भर करती है। जब चालक धूप के चश्मे जैसे प्रकाश‑अवरोधक पहनता है, तो सेंसर की कार्यक्षमता घट जाती है। इस घटना से स्पष्ट होता है कि प्रणाली ने ऐसे सामान्य परिदृश्य को ध्यान में नहीं रखा, जहाँ कई ड्राइवर धूप से बचने के लिए चश्मा पहनते हैं।
सुरक्षा एवं नियामक पहलू
ऐसे मामलों में टेस्ला की सुरक्षा रणनीति पर सवाल उठते हैं, विशेषकर जब वाहन में छोटे बच्चे हों। भारतीय मोटर वाहन विभाग (CMVR) और यूरोपीय यूनियन दोनों ने पहले ही स्वायत्त ड्राइविंग सिस्टम की विश्वसनीयता पर कठोर मानक लागू करने का प्रस्ताव रखा है। इस घटना संभावित रूप से नियामक जांच को तेज़ कर सकती है।
विशेषज्ञों की राय
ऑटोमोटिव सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि आँख‑ट्रैकिंग को एकल सेंसर पर निर्भर नहीं होना चाहिए; अतिरिक्त सेंसर जैसे हृदय गति, चेहरा पहचान, और सिट‑बेल्ट तनाव सेंसर को जोड़ना आवश्यक है। इससे प्रणाली को कई स्तरों पर त्रुटियों को पहचानने की संभावना बढ़ेगी।
भविष्य की दिशा
टेस्ला को अब अपने DMS को पुनः डिज़ाइन करने की जरूरत है, जिससे धूप के चश्मे, टोपी या अन्य बाधाओं को भी ध्यान में रखा जा सके। यदि यह सुधार नहीं किया गया, तो उपभोक्ता भरोसा और ब्रांड की प्रतिष्ठा दोनों ही जोखिम में पड़ सकते हैं।