यामाहा ने भारत में FZ ब्लू फ्लेक्स लॉन्च किया, जो 149cc इंजन के साथ E20 से E85 इथेनॉल मिश्रण पर चल सकता है। यह बाइक 1.24 लाख रुपये में उपलब्ध है और देश की स्वच्छ गतिशीलता नीति के अनुरूप है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • यामाहा का पहला फ्यूल-फ्लेक्स बाइक 149cc इंजन के साथ 85% इथेनॉल तक चल सकता है।
  • ₹1.24 लाख की कीमत पर यह बाइक भारतीय बायोफ्यूल नीति के अनुरूप है।
  • इथेनॉल ब्लेंड से कार्बन फुटप्रिंट कम होता है और ईंधन लागत में भी राहत मिलती है।

यामाहा मोटर ने नई FZ ब्लू फ्लेक्स को भारत में ₹1,24,240 के एग्ज़-शोरूम मूल्य पर लॉन्च किया, जो 149cc सिंगल-सिलिंडर, एयर‑कूल्ड, फ्यूल‑इंजेक्टेड इंजन से सुसज्जित है। इस मॉडल का खास पहलू यह है कि यह E20 से लेकर E85 तक के इथेनॉल‑ब्लेंडेड फ्यूल पर बिना किसी प्रदर्शन की कमी के चल सकता है। यह भारत की बढ़ती बायोफ्यूल नीति के साथ तालमेल बिठाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

इंजन 11.7 bhp की पावर और 12.8 Nm टॉर्क (6,000 rpm पर) उत्पन्न करता है, जिसे 5‑स्पीड गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है। फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम को उच्च इथेनॉल प्रतिशत को सहन करने के लिए पुनः डिज़ाइन किया गया है, जिससे इंजन की विश्वसनीयता और दक्षता बनी रहती है। इस तकनीकी नवाचार के साथ, यामाहा ने अपने वैश्विक कार्बन न्यूट्रैलिटी लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त किया है।

डिज़ाइन के लिहाज़ से, FZ ब्लू फ्लेक्स ने स्टैंडर्ड FZ लाइन के क्लासिक स्टाइल को बरकरार रखा है। इसमें फुल‑LED प्रोजेक्टर हेडलाइट, एंटी‑कॉलिज़न ABS, टेलीस्कोपिक फ्रंट फोर्क्स और रियर स्विंगआर्म सस्पेंशन शामिल हैं। LED टेल लैम्प और सिंगल‑पीस सीट इसे एरोडायनामिक और एस्थेटिक दोनों बनाती है। सुरक्षा के लिहाज़ से, ABS ब्रेकिंग सिस्टम शहर के ट्रैफिक में बेहतर नियंत्रण सुनिश्चित करता है।

यामाहा ने इस मॉडल को केवल एक मेटालिक ब्लैक रंग में पेश किया है और इसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु के चयनित ब्लू स्क्वायर डीलरशिप्स के माध्यम से बेचा जाएगा। यह लॉन्च भारत में फ्यूल‑फ्लेक्स वाहनों के बढ़ते रुझान के बीच एक नई दिशा दर्शाता है, जहाँ उपभोक्ता अब 85% तक इथेनॉल वाले ईंधन का उपयोग कर सकते हैं।

सारांशतः, FZ ब्लू फ्लेक्स न केवल एक नया बाइक मॉडल है, बल्कि यह भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग को अधिक स्वच्छ और टिकाऊ दिशा में अग्रसर करने का एक सशक्त संकेत है। इसके साथ ही, यह दिखाता है कि यामाहा जैसी कंपनियाँ कैसे तकनीकी नवाचार के माध्यम से पर्यावरणीय लक्ष्यों को प्राप्त कर सकती हैं।