जून 21 से जुलाई 10 तक, मंगलूरु शहर पुलिस ने 35,160 ट्रैफ़िक उल्लंघन मामलों में कुल 92.43 लाख रुपये जुर्माना एकत्र किया। यह राशि 50% रिबेट घोषणा के बाद आई, जिसमें AI‑आधारित कैमरों और पुलिस कर्मियों द्वारा दर्ज किए गए उल्लंघन शामिल थे।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- मंगलूरु में 35,160 ट्रैफ़िक उल्लंघन मामलों में 92.43 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया।
- AI‑आधारित कैमरों ने 18,792 उल्लंघन रिकॉर्ड किए, जबकि पुलिस ने 16,368 को दर्ज किया।
- RTO ने 137 ड्राइविंग लाइसेंस स्थगित किए और 224 मामलों में लाइसेंस जब्त किए।
जून 21 से जुलाई 10 तक के 20‑दिन के अंतराल में, मंगलूरु शहर पुलिस ने 35,160 ट्रैफ़िक उल्लंघन मामलों में कुल 92.43 लाख रुपये जुर्माना एकत्र किया। यह आंकड़ा सरकार द्वारा जून में घोषित 50% रिबेट के बाद आया, जो मई 2026 से पहले दर्ज किए गए मामलों पर लागू था। रिबेट के कारण कई वाहन चालकों ने जुर्माना भुगतान करने में तेजी दिखाई, जिससे पुलिस की कार्यकुशलता में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
AI‑कैमरों का प्रभाव
कुल 35,160 मामलों में से 18,792 मामलों को शहर भर में स्थापित AI‑आधारित ट्रैफ़िक निगरानी कैमरों द्वारा पकड़ा गया। ये कैमरे तेज़ गति, लाल बत्ती उल्लंघन, और अनधिकृत ओवरटेकिंग जैसे गंभीर उल्लंघनों को स्वचालित रूप से पहचानते हैं, जिससे मैन्युअल निरीक्षण की जरूरत कम हुई। इस तकनीकी कदम ने न केवल जुर्माना वसूली को तेज किया, बल्कि भविष्य में ट्रैफ़िक नियमों के पालन को भी सुदृढ़ करने की उम्मीद जताई गई है।
पारम्परिक पुलिस निरीक्षण
बचे हुए 16,368 मामलों को ट्रैफ़िक पुलिस कर्मियों ने ऑन‑साइट निरीक्षण के माध्यम से दर्ज किया। ये केस अक्सर छोटे उल्लंघनों जैसे अनध्यानता से पार्किंग, हेल्मेट न पहनना, या दस्तावेज़ी त्रुटियों से जुड़े थे। पुलिस ने बताया कि कई चालकों ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जुर्माना भुगतान किया, जबकि कुछ ने स्थानीय ट्रैफ़िक पुलिस स्टेशन पर जाकर भुगतान किया, जिसके बाद उनका केस बंद कर दिया गया।
ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन और जब्ती
रजिनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) ने गंभीर सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर ट्रैफ़िक उल्लंघनों में संलिप्त 137 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए। पुलिस ने 224 मामलों में लाइसेंस जब्त किए और RTO को निलंबन की सिफारिश की। शेष मामलों में निलंबन प्रक्रिया चल रही है, जिससे भविष्य में सड़क सुरक्षा में सुधार की उम्मीद है।
भविष्य की दिशा
यह परिणाम दर्शाता है कि वित्तीय प्रोत्साहन (जैसे रिबेट) और तकनीकी निगरानी (AI‑कैमरे) का संयोजन ट्रैफ़िक उल्लंघन को कम करने में प्रभावी हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मॉडल को अन्य प्रमुख शहरी केंद्रों में अपनाया जाए, तो भारत के ट्रैफ़िक सुरक्षा परिदृश्य में व्यापक परिवर्तन संभव हो सकता है।