देश में E20 पेट्रोल को लेकर वाहन मालिकों की बढ़ती शिकायतों के बीच, केंद्र सरकार ने E25 ईंधन को लेकर अपनी रणनीति साफ कर दी है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि E25 फिलहाल केवल टेस्टिंग फेज में है और इसे जल्दबाजी में लागू नहीं किया जाएगा।

मुख्य बातें

  • सरकार E25 ईंधन (25% इथेनॉल, 75% पेट्रोल) का परीक्षण कर रही है, लेकिन इसे जल्दबाजी में पेश नहीं किया जाएगा।
  • वाहन मालिकों ने E20 ईंधन से माइलेज कम होने और इंजन के पुर्जे खराब होने की शिकायतें की हैं।
  • E25 के वैज्ञानिक परीक्षणों में इंजन कैलिब्रेशन, जंग लगने की संभावना और सामग्री अनुकूलता की जांच शामिल है।

भारत में इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल को लेकर बहस तेज हो गई है क्योंकि वाहन मालिक लगातार E20 पेट्रोल के खिलाफ अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। इस विवाद के बीच, केंद्र सरकार ने E25 पेट्रोल (25% इथेनॉल और 75% पेट्रोल का मिश्रण) के भविष्य को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) द्वारा जारी एक आधिकारिक वीडियो के अनुसार, सरकार ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी वैज्ञानिक और तकनीकी परीक्षण पूरे नहीं हो जाते, तब तक अगला कदम नहीं उठाया जाएगा।

वर्तमान में, E25 पेट्रोल पूरी तरह से परीक्षण (टेस्टिंग) के चरण में है। सरकार ने जोर देकर कहा है कि वैज्ञानिक प्रमाणों के बिना कोई भी नीतिगत निर्णय नहीं लिया जाएगा। इस समय E25 ईंधन के लिए इंजन कैलिब्रेशन, ईंधन प्रणाली की मजबूती, धातु में जंग लगने की संभावनाओं और विभिन्न सामग्रियों के साथ इसकी अनुकूलता (कम्पैटिबिलिटी) की गहन जांच की जा रही है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि भारत का इथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम कच्चे तेल के आयात बिल को कम करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन पुराने वाहनों के इंजन पर इसका प्रभाव चिंताजनक है। यदि सरकार बिना पर्याप्त तैयारियों और तकनीकी सुधारों के E25 को लागू करती है, तो इससे वाहन मालिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और ऑटो सेक्टर में असंतोष पैदा हो सकता है।

"इंजन में बिना आवश्यक बदलाव के अधिक इथेनॉल वाले ईंधन का उपयोग करने से ईंधन प्रणाली में जंग लग सकती है। सरकार का वैज्ञानिक जांच पूरी होने तक इंतजार करने का निर्णय स्वागत योग्य है।" - ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग विशेषज्ञ

इस पूरी जांच प्रक्रिया में वाहन निर्माता कंपनियां, तेल विपणन कंपनियां (OMCs), इथेनॉल उत्पादक और विभिन्न अनुसंधान संस्थान मिलकर काम कर रहे हैं। यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ समय से E20 पेट्रोल का उपयोग करने वाले वाहन चालकों ने माइलेज में गिरावट और इंजन के संवेदनशील हिस्सों के खराब होने की शिकायतें की हैं। सरकार इस बार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि E25 के आने से पहले सभी तकनीकी खामियों को दूर कर लिया जाए।

विशेषता / पैरामीटरE20 पेट्रोलE25 पेट्रोल (परीक्षण के अधीन)
इथेनॉल मिश्रण अनुपात20% इथेनॉल, 80% पेट्रोल25% इथेनॉल, 75% पेट्रोल
वर्तमान स्थितिचुनिंदा स्टेशनों पर उपलब्धकेवल टेस्टिंग फेज में
मुख्य चिंताएंकम माइलेज, पुर्जों में खराबीसामग्री अनुकूलता, जंग का खतरा
क्या आप जानते हैं?: ब्राजील दुनिया में इथेनॉल सम्मिश्रण में सबसे आगे है, जहां गाड़ियां E27 ईंधन पर चलती हैं और वहां कई फ्लेक्स-फ्यूल वाहन 100% इथेनॉल पर भी चल सकते हैं!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: वाहन मालिक E20 पेट्रोल से क्यों परेशान हैं?
उत्तर 1: कई वाहन चालकों ने शिकायत की है कि E20 के उपयोग से उनकी गाड़ियों का माइलेज कम हो गया है और इंजन के कुछ हिस्सों में खराबी आ रही है।

प्रश्न 2: भारत में E25 पेट्रोल कब लॉन्च होगा?
उत्तर 2: सरकार ने स्पष्ट किया है कि लॉन्च की कोई निश्चित तारीख तय नहीं है। सभी वैज्ञानिक अध्ययनों और ऑटोमोबाइल कंपनियों के साथ परीक्षण पूरे होने के बाद ही इसे पेश किया जाएगा।