भारत सरकार ने डिज़ल में इथेनॉल ब्लेंडिंग को रोकने का फैसला किया है। परीक्षण में पाया गया कि इथेनॉल जोड़ने से डिज़ल का फ्लैश प्वाइंट घट जाता है, जिससे सुरक्षा जोखिम बढ़ते हैं। पेट्रोल में 20% तक इथेनॉल की अनुमति बनी रहती है।

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Key Takeaways

  • सरकार ने डिज़ल में इथेनॉल ब्लेंडिंग को रोक दिया।
  • टेस्ट में फ्लैश प्वाइंट में गंभीर गिरावट पाई गई।
  • पेट्रोल में 20% तक इथेनॉल की ब्लेंडिंग जारी रहेगी।

राज्यसभा में घोषणा

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने 11 अगस्त को राज्यसभा में बताया कि सरकारी तेल कंपनियों ने डिज़ल‑इथेनॉल मिश्रण का व्यापक परीक्षण किया। परिणामस्वरूप, इथेनॉल जोड़ने से डिज़ल का फ्लैश प्वाइंट बहुत नीचे चला गया, जिससे स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट में आग का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए सरकार ने इस ब्लेंडिंग को अभी के लिए रोकने का निर्णय लिया।

इथेनॉल ब्लेंडिंग की पृष्ठभूमि

इथेनॉल को पेट्रोल में मिलाकर आयातित कच्चे तेल की निर्भरता घटाने और प्रदूषण कम करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर E20 (20% इथेनॉल) योजना लागू की गई थी। इस पहल को कई राज्य सरकारों और ऑटोमोबाइल उद्योग ने समर्थन किया है। जबकि पेट्रोल में इथेनॉल की सीमा 20% तक सुरक्षित सिद्ध हुई, डिज़ल में वही मिश्रण नई सुरक्षा चुनौतियां पेश करता है।

टेस्ट में मिला गंभीर मुद्दा

प्रमाणित लैब और ऑटोमोबाइल कंपनियों के सहयोग से किए गए परीक्षण में पता चला कि इथेनॉल‑ब्लेंडेड डिज़ल का फ्लैश प्वाइंट सामान्य डिज़ल (52°C से अधिक) की तुलना में काफी नीचे, लगभग 30°C तक गिर जाता है। यह गिरावट जलन की संभावना को बढ़ा देती है, विशेषकर टैंकरों के परिवहन और पंपों में स्टोरेज के दौरान।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that a lower flash point not only endangers fuel handling infrastructure but also escalates insurance costs for logistics firms. इस निर्णय से दीर्घकालिक सुरक्षा मानकों को कायम रखने और संभावित आर्थिक नुकसान को रोकने में मदद मिलेगी।

"इथेनॉल की उच्च वाष्पशीलता डिज़ल के थर्मल स्थायित्व को कमजोर करती है, जिससे औद्योगिक सुरक्षा के मानक नहीं पूरे होते।" – डॉ. रितु शर्मा, रासायनिक इंजीनियरिंग प्रोफेसर
Did You Know?: सामान्य डिज़ल का फ्लैश प्वाइंट 52°C से ऊपर रहता है, लेकिन इथेनॉल जोड़ने से यह 30°C तक गिर सकता है, जिससे आग लगने की संभावना दोगुनी हो जाती है।

Frequently Asked Questions

क्या भविष्य में डिज़ल में इथेनॉल ब्लेंडिंग संभव होगी?
वर्तमान में सुरक्षा कारणों से नहीं, लेकिन आगे के वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर पुनः मूल्यांकन किया जा सकता है।

पेट्रोल में इथेनॉल जोड़ने से वाहन की माइलेज पर क्या असर पड़ता है?
सरकारी परीक्षणों से पता चला है कि E20 पेट्रोल में माइलेज में मामूली कमी (लगभग 2‑3%) होती है, लेकिन पर्यावरणीय लाभ अधिक हैं।