पुणे में वाहनों के पंजीकरण की संख्या बढ़ने के कारण 37 साल पुराना MH-12 रजिस्ट्रेशन कोड अब समाप्त हो रहा है। नई गाड़ियों के लिए अब MH-61 कोड का उपयोग किया जाएगा, जो शहर की नई पहचान बनेगा।

  • पुणे आरटीओ में MH-12 सीरीज के सभी नंबर समाप्त हो गए हैं।
  • नई गाड़ियों के लिए अब MH-61 कोड का उपयोग किया जाएगा।
  • MH-12 कोड का उपयोग 1 जुलाई 1989 से किया जा रहा था।
  • वर्तमान में पुणे में 44.88 लाख से अधिक पंजीकृत वाहन हैं।

पुणे शहर की सड़कों पर दौड़ने वाली गाड़ियों की पहचान अब हमेशा के लिए बदलने वाली है। पिछले लगभग चार दशकों से पुणे की गाड़ियों की पहली पहचान MH-12 रही है, लेकिन अब यह कोड इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण पुणे आरटीओ (RTO) के पास उपलब्ध मौजूदा अल्फान्यूमेरिक सीरीज पूरी तरह समाप्त हो चुकी है।

क्यों खत्म हुआ MH-12 का दौर?

पुणे आरटीओ के अधिकारियों के अनुसार, MH-12 कोड के तहत उपलब्ध सभी संयोजन (combinations) खत्म हो गए हैं। हाल ही में 'ZZ' सीरीज के अंतिम 9999 नंबर भी पंजीकृत हो चुके हैं। जैसे-जैसे शहर की जनसंख्या और वाहनों की संख्या में विस्फोट हुआ है, आरटीओ के पास उपलब्ध नंबरों की सीमा समाप्त हो गई है। वर्तमान में पुणे में 44.88 लाख से अधिक सक्रिय वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें से अधिकांश का पंजीकरण 2011 के बाद हुआ है।

MH-61: पुणे की नई पहचान

अब नई गाड़ियों के लिए MH-61 कोड लागू किया जाएगा। परिवहन आयुक्त कार्यालय के अनुसार, नेशनल इंफॉर्मेशन सेंटर (NIC) वर्तमान में सिस्टम की बैकएंड टेस्टिंग कर रहा है। सोमवार से नए कोड के तहत पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। हालांकि, सामान्य पंजीकरण से पहले 'फैंसी नंबरों' के लिए आवेदन मांगे जाएंगे, जिसके लिए वाहन मालिकों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि यह बदलाव केवल एक नंबर का बदलना नहीं है, बल्कि यह पुणे के तीव्र शहरीकरण और बढ़ते ऑटोमोबाइल मार्केट का प्रमाण है। जब किसी शहर का आरटीओ कोड बदलता है, तो यह उस क्षेत्र की आर्थिक और जनसांख्यिकीय वृद्धि को दर्शाता है।

एक शहर की पहचान उसके नंबर प्लेट से होती है, और MH-12 से MH-61 का सफर पुणे के विकास की कहानी कहता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: पुणे में 1 जुलाई 1989 से MH-12 कोड का उपयोग किया जा रहा था। भारतीय वाहन पंजीकरण प्रणाली के अनुसार, शुरुआती दो अंक राज्य (MH - महाराष्ट्र) को दर्शाते हैं, अगले दो अंक आरटीओ कोड को, और उसके बाद वर्णमाला और अद्वितीय संख्याएं आती हैं।

Did You Know?: एक मानक अल्फान्यूमेरिक सिस्टम में 'I' और 'O' को भ्रम से बचने के लिए छोड़ दिया जाता है, जिससे लगभग 59 लाख से अधिक संयोजन बनाए जा सकते हैं।

Frequently Asked Questions

1. क्या मेरी पुरानी गाड़ी का नंबर बदल जाएगा?
नहीं, आपकी पुरानी गाड़ी का MH-12 नंबर वही रहेगा। यह बदलाव केवल नई गाड़ियों के पंजीकरण के लिए है।

2. नया कोड MH-61 कब से लागू होगा?
आरटीओ के अनुसार, बैकएंड टेस्टिंग के बाद जल्द ही (संभावित सोमवार से) नई गाड़ियों के लिए यह कोड शुरू हो जाएगा।