नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने चेन्नई हवाई अड्डे पर नए कैब पिक-अप प्लाजा का उद्घाटन किया। ₹22.88 करोड़ की लागत से बना यह प्लाजा यात्रियों की भीड़ और वाहनों के आवागमन को सुव्यवस्थित करेगा।

  • ₹22.88 करोड़ की लागत से निर्मित नया कैब पिक-अप प्लाजा शुरू।
  • एक समय में 28 वाहनों की क्षमता और 150 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था।
  • T3 टर्मिनल का निर्माण कार्य जारी, अप्रैल 2027 तक पूरा होने की उम्मीद।

दो साल के लंबे इंतजार के बाद, चेन्नई हवाई अड्डे पर यात्रियों की सुविधा के लिए समर्पित कैब पिक-अप प्लाजा का रविवार सुबह औपचारिक रूप से उद्घाटन कर दिया गया। नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने वर्चुअल माध्यम से इस सुविधा का शुभारंभ किया। इस कदम का मुख्य उद्देश्य हवाई अड्डे पर होने वाली भीड़भाड़ को कम करना और वाहनों के सुचारू आवागमन को सुनिश्चित करना है।

यह नया प्लाजा टर्मिनल 1 (T1) घरेलू टर्मिनल से मात्र 30 मीटर की दूरी पर स्थित है। ₹22.88 करोड़ की लागत से विकसित इस सुविधा में दो पिक-अप लेन (लेन A और B) और एक निकास लेन (लेन C) बनाई गई है। यह व्यवस्था एक समय में 28 वाहनों को संभालने में सक्षम है और यात्रियों के लिए 150 सीटों की प्रतीक्षा क्षेत्र सुविधा भी प्रदान करती है।

यात्रियों के अनुभव में सुधार

मंत्री नायडू ने बताया कि यात्रियों से लगातार फीडबैक मिल रहा था कि बुजुर्गों, बच्चों वाले परिवारों और भारी सामान के साथ यात्रियों को मल्टी-लेवल पार्किंग तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। उन्होंने कहा, "जैसे ही आप टर्मिनल से बाहर कदम रखेंगे, आपकी कैब आपका इंतजार कर रही होगी।"

शुरुआती चरण में, इस प्लाजा में Ola, Uber, Rapido, Fastrack, Red Taxi और प्रीपेड टैक्सियों को अनुमति दी जाएगी। भविष्य में इसे अन्य पीली बोर्ड वाली वाणिज्यिक गाड़ियों के लिए भी खोला जाएगा।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि चेन्नई हवाई अड्डे जैसे स्थान-सीमित (space-constrained) हवाई अड्डों के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार करना एक बड़ी चुनौती है। यह नया प्लाजा न केवल तत्काल राहत प्रदान करता है, बल्कि भविष्य के विस्तार के लिए एक आधार तैयार करता है।

चेन्नई हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे में यह सुधार यात्री अनुभव को वैश्विक मानकों के करीब ले जाएगा।

हवाई अड्डे के विस्तार की बात करते हुए, मंत्री ने घोषणा की कि T3 टर्मिनल का निर्माण तेजी से चल रहा है और यह अप्रैल 2027 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसके पूरा होने से हवाई अड्डे की क्षमता सालाना 20 मिलियन से बढ़कर 35 मिलियन यात्री हो जाएगी। इसके अतिरिक्त, T5 टर्मिनल की योजना भी बनाई जा रही है, जिससे क्षमता 55 मिलियन तक पहुँच सकती है।

Did You Know?: चेन्नई हवाई अड्डा शहर के केंद्र में स्थित होने के कारण जगह की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करता है, जिससे इसका विस्तार करना कठिन होता है।

Frequently Asked Questions

1. नया कैब प्लाजा किन सेवाओं के लिए उपलब्ध है?
फिलहाल यह Ola, Uber, Rapido, Fastrack और Red Taxi जैसी सेवाओं के लिए उपलब्ध है।

2. T3 टर्मिनल कब तक तैयार होगा?
T3 टर्मिनल के अप्रैल 2027 तक तैयार होने की उम्मीद है।