सेल्म जिले के कलेक्टर के आदेश के बाद सभी पिलियन सवारों को हेल्मेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रदेश में सिर की चोटों से हुई मौतों में 40% से अधिक योगदान के चलते कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • सेल्म में पिलियन सवारों को हेल्मेट पहनना अनिवार्य
  • हेड इंजरी से मौत में 40% से अधिक योगदान
  • नॉन-कम्प्लायंस पर ₹1,000 जुर्माना

सेल्म जिला प्रशासन ने 2025‑26 में सिर की चोटों से हुई मौतों के आंकड़ों को देखते हुए पिलियन सवारों के लिए हेल्मेट पहनना अनिवार्य कर दिया है। यह कदम दोपहिया वाहनों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है, जहाँ 12% सड़क दुर्घटनाएँ दोपहिया वाहनों से जुड़ी थीं।

पृष्ठभूमि और आँकड़े

कुल 3,733 सड़क दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहनों का योगदान 12% रहा, जबकि 465 मौतों में से 186 सिर की चोटों से हुईं। ये आँकड़े दर्शाते हैं कि हेल्मेट का उपयोग न करने से मृत्यु दर में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। इस संदर्भ में, जिला कलेक्टर के. एलाम्भावथ ने सभी दोपहिया सवारों, चाहे वे ड्राइवर हों या पिलियन, को हेल्मेट पहनने और स्ट्रैप को सही ढंग से लॉक करने का निर्देश दिया।

जागरूकता कार्यक्रम

सेल्म शहर व जिला पुलिस ने प्रमुख चौराहों जैसे न्यू बस स्टैंड, ओमालूर मेन रोड, फाइव रोड्स और हस्तामपट्टी पर हेल्मेट जांच अभियान शुरू किया है। साथ ही, स्कूल और कॉलेज में रोड सुरक्षा पर सेमिनार, रैली और शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें परिवहन विभाग के अधिकारी भी भाग लेंगे।

दंड एवं प्रवर्तन

हेल्मेट न पहनने वाले सवारों पर ₹1,000 का जुर्माना लगाया जाएगा और तुरंत संग्रह किया जाएगा। यह दंड न केवल नियमों के पालन को सुनिश्चित करेगा, बल्कि भविष्य में हेड इंजरी से होने वाली मौतों को भी घटाएगा।

भविष्य की दिशा

हेल्मेट अनिवार्यकरण के साथ, अधिकारी ट्रैफ़िक नियमों के कड़ाई से पालन की निगरानी करेंगे और सार्वजनिक जागरूकता को बढ़ाने के लिए निरंतर अभियान चलाएंगे। यह पहल अन्य जिलों के लिए भी मॉडल बन सकती है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर सड़क सुरक्षा की स्थिति में सुधार हो सके।