पूर्व एमएलसी देवेश कुमार ने बिहार राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष का पदभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने 'विकसित बिहार @2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समावेशी और दीर्घकालिक नियोजन पर जोर दिया है।
- देवेश कुमार ने बिहार राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष के रूप में आधिकारिक रूप से कार्यभार संभाला।
- उनका मुख्य लक्ष्य 'विकसित बिहार @2047' के विजन को साकार करना है।
- योजना बोर्ड का उद्देश्य संसाधनों का बेहतर उपयोग और समावेशी विकास सुनिश्चित करना होगा।
पटना में आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम के दौरान, बिहार विधान परिषद के पूर्व सदस्य देवेश कुमार ने शुक्रवार (4 सितंबर, 2026) को बिहार राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद, उन्होंने राज्य के समावेशी, संतुलित और सतत विकास के लिए योजना बोर्ड की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
श्री कुमार ने कहा कि 'विकसित बिहार @2047' के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केवल सामान्य योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं; इसके लिए सुव्यवस्थित, साक्ष्य-आधारित और दीर्घकालिक रणनीतियों की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना बोर्ड राज्य के विकास को दिशा देने और विभिन्न क्षेत्रों में दीर्घकालिक रणनीतियों को तैयार करने वाली एक महत्वपूर्ण संस्था है।
विकास रणनीति और भविष्य की चुनौतियां
उपाध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि बिहार वर्तमान में विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा, "हमें भविष्य की जरूरतों और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनानी होंगी। योजना बोर्ड राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करेगा और विकास प्राथमिकताओं, नीतियों और योजनाओं पर आवश्यक सुझाव और मार्गदर्शन प्रदान करेगा।"
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, देवेश कुमार का यह नया कार्यकाल बिहार के नीतिगत ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है, विशेष रूप से यदि वे विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करने में सफल रहते हैं।
विकसित बिहार का सपना तभी सच होगा जब हमारी योजनाएं साक्ष्यों और भविष्य की चुनौतियों पर आधारित होंगी।
बिहार राज्य योजना बोर्ड: एक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
बिहार राज्य योजना बोर्ड की स्थापना 1972 में की गई थी। यह बोर्ड राज्य की वार्षिक और दीर्घकालिक योजनाओं के निर्माण के साथ-साथ विभिन्न विकास कार्यक्रमों की समीक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह उपलब्ध संसाधनों के आधार पर विकास लक्ष्यों को निर्धारित करने और उन्हें विकास प्रक्रिया में एकीकृत करने का कार्य करता है।
बोर्ड का मुख्य कार्य विभिन्न विभागों द्वारा लागू की जा रही योजनाओं की प्रगति का अध्ययन करना और विकास से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर मार्गदर्शन प्रदान करना है। बदलते समय के साथ विकास की जरूरतों को समझते हुए भविष्योन्मुखी योजना बनाना इसकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।
महत्वपूर्ण उपस्थिति
इस अवसर पर योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी, विभाग के सचिव कवल तनुज, बिहार राज्य योजना बोर्ड के अपर सचिव श्याम बिहारी मीणा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
गौरतलब है कि देवेश कुमार ने 31 जुलाई, 2026 को बिहार विधान परिषद के सदस्य के रूप में इस्तीफा दे दिया था ताकि राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश के लिए रास्ता बनाया जा सके।
Frequently Asked Questions
1. देवेश कुमार का मुख्य लक्ष्य क्या है?
उनका मुख्य लक्ष्य 'विकसित बिहार @2047' के विजन को प्राप्त करने के लिए समावेशी और सतत विकास सुनिश्चित करना है।
2. बिहार राज्य योजना बोर्ड की स्थापना कब हुई थी?
इस बोर्ड की स्थापना वर्ष 1972 में की गई थी।