कोइम्बटूर ज़िला पुलिस ने एयर हॉर्न, लाल‑नीली LED ब्लिंकर और वाहन संशोधन जैसी उल्लंघनों पर दो‑दिन की विशेष कार्रवाई में 522 केस दर्ज किए। भारी वाहनों और कारों में तेज़ LED हेडलैंप से दोपहिया सवारों की दुर्घटनाएं बढ़ने की रिपोर्ट भी मिली।
कोइम्बटूर जिला (ग्रामीण) पुलिस ने दो‑दिन की विशेष ड्राइव के दौरान मोटर वाहन अधिनियम के उल्लंघन को लेकर कुल 522 केस दर्ज किए। इस कार्रवाई में एयर हॉर्न, अनधिकृत लाल‑नीली फ्लैशिंग लाइट, वाहन संशोधन और सार्वजनिक परिवहन में तेज़ संगीत प्रणाली जैसे मुद्दों को लक्षित किया गया।
विशेष ड्राइव का दायरा और निर्देश
जिला सुपरिंटेंडेंट ऑफ़ पुलिस ए. पवन कुमार रेड्डी ने सभी डिप्टी सुपरिंटेंडेंट को अपने‑अपने उप‑विभागों में इस अभियान को लागू करने का निर्देश दिया। विशेष टीमों ने प्रत्येक वाहन को विस्तृत जांच के तहत जांचा और उल्लंघन पाया तो तुरंत कार्रवाई की।
मुख्य परिणाम
रिपोर्ट के अनुसार, 112 केस एयर हॉर्न के उपयोग के लिए दर्ज किए गए। 190 केस उन लोगों के खिलाफ दर्ज किए गए जिन्होंने अपने वाहनों में लाल‑नीली LED ब्लिंकर स्थापित किए थे। वाहन संशोधन और अन्य मोटर वाहन उल्लंघनों के लिए 220 केस दर्ज हुए।
LED हेडलैंप और दुर्घटनाओं का जुड़ाव
चेत्तिपालयम इंस्पेक्टर एम.एम. सेलवराघवन ने बताया कि उच्च बीम LED लाइट्स, जो भारी वाहनों और कारों में उपयोग होती हैं, को भी कब्जे में लिया गया। उन्होंने कहा, “भारी वाहनों और कारों में तेज़ LED हेडलैंप के कारण कई दोपहिया सवारों की दुर्घटनाएं हुई हैं। दोपहिया वाहनों में संशोधित साइलेंसर भी जब्त किए गए।” यह बात सड़क सुरक्षा के लिए एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है।
भविष्य की नीति दिशा
पुलिस ने इस अभियान को निरंतर रखने और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की इच्छा जताई है। अधिकारियों का मानना है कि LED हेडलैंप, अनधिकृत लाइटिंग और आवाज़ के नियमों का कड़ाई से पालन करने से दुर्घटनाओं में कमी आएगी और सार्वजनिक परिवहन अधिक सुरक्षित होगा।
इस प्रकार, कोइम्बटूर में इस दो‑दिन की ड्राइव ने न केवल मोटर वाहन अधिनियम के उल्लंघनों को उजागर किया, बल्कि भविष्य में सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए एक मॉडल भी प्रस्तुत किया।