पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने भारतीय लक्ज़री कार निर्माता बीएमडब्ल्यू की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) मांग को 78% तक बढ़ा दिया, जिससे कंपनी ने पहली छमाही में 17% की साल-दर-साल बिक्री वृद्धि दर्ज की। कंपनी ने अपनी स्थानीय CKD/ SKD असेंबली क्षमता का उपयोग कर पेट्रोल मॉडल से ईवी उत्पादन में तेज़ी से बदलाव किया।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल मचा दिया, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं ने पारंपरिक आंतरिक दहन इंजन (ICE) वाहनों की तुलना में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को अधिक आकर्षक विकल्प माना। इस बदलाव ने बीएमडब्ल्यू इंडिया की ईवी बिक्री को 78% तक बढ़ा दिया, जिससे कंपनी ने वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में 17% की साल-दर-साल वृद्धि हासिल की।
बीएमडब्ल्यू इंडिया की बिक्री आंकड़े
जनवरी से जून 2026 तक बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया ने कुल 9,075 कारें बेचीं, जिनमें 2,359 ईवी शामिल हैं। यह आंकड़ा कंपनी को भारत के लक्ज़री ईवी बाजार में 69% का प्रभुत्व दिलाता है, जबकि पूरे देश में सभी ब्रांडों की पैसेंजर कारों में ईवी का हिस्सा केवल 6% है।
स्थानीय असेंबली की रणनीतिक लचीलापन
बीएमडब्ल्यू के भारत अध्यक्ष एवं सीईओ हार्दिप सिंह बर ने बताया कि कंपनी ने अपने पेट्रोल और इलेक्ट्रिक दोनों मॉडलों को CKD (Completely Knocked Down) और SKD (Semi Knocked Down) व्यवस्था के तहत स्थानीय रूप से असेंबल किया है। इस मॉडल ने मांग में अचानक बदलाव के समय उत्पादन और इन्वेंट्री को पेट्रोल से इलेक्ट्रिक में तेज़ी से स्थानांतरित करने की सुविधा प्रदान की।
ईवी की बढ़ती लोकप्रियता और प्रतीक्षा अवधि
आज बीएमडब्ल्यू इंडिया की कुल बिक्री में ईवी का हिस्सा 26% तक पहुँच चुका है, जबकि नए बुकिंग्स में यह 30% तक बढ़ गया है। उच्च मांग के कारण ग्राहकों को तीन महीने से अधिक का इंतज़ार करना पड़ रहा है, जो भारतीय लक्ज़री ऑटोसेगमेंट में ईवी की बढ़ती महत्ता को दर्शाता है।
ईंधन नीति और ई20 मिश्रण पर विचार
बर ने भारत में ई20 (20% इथेनॉल) मिश्रण को लेकर उठाए गए प्रश्नों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बीएमडब्ल्यू के पेट्रोल मॉडल E25 मानकों के अनुरूप हैं, परन्तु उच्च इथेनॉल मिश्रण के लिए स्पष्ट नीति समय‑सीमा आवश्यक है। साथ ही, ईंधन मिलावट की शिकायतों को लेकर उन्होंने विस्तृत जांच की मांग की, क्योंकि वर्तमान में उपभोक्ता “अंधेरे में गोली चला रहे हैं”।
आगे की दृष्टि
बीएमडब्ल्यू ने कहा कि कंपनी 17% की बिक्री वृद्धि को वर्ष के शेष हिस्से में भी बनाए रखने के लिए आश्वस्त है, परन्तु मुद्रा अस्थिरता और संभावित मूल्य वृद्धि को एक चुनौती के रूप में देखती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत में ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन तेज़ी से विकसित होते रहे तो लक्ज़री ब्रांडों की ईवी हिस्सेदारी और भी बढ़ेगी।