विवादास्पद फिल्म ‘सतलुज’ को ज़ी5 से हटाने के बाद, अभिनेता कान्वलजीत सिंह ने कहा कि बैन केवल जिज्ञासा बढ़ाता है और दर्शकों को पाइरेसी की ओर धकेलता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह कदम सच्चाई को स्वीकार करने की अनिच्छा से आया है।
विंटेज अभिनेता कान्वलजीत सिंह ने हालिया साक्षात्कार में बताया कि उनकी नई फिल्म सतलुज (पहले Punjab 95 के नाम से जानी जाती थी) को ज़ी5 से हटाने का निर्णय सरकार की सच्चाई से बचाव की नीति का परिणाम है। फिल्म, जो 1980‑1990 के दशक में पंजाब के अंधेरे अध्याय को उजागर करती है, को केवल 48 घंटे बाद हटाया गया, जबकि ऑनलाइन पाइरेसी ने इसे और भी लोकप्रिय बना दिया।
फिल्म की कहानी और विवाद
‘सतलुज’ मानव अधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की जाँच को दर्शाता है, जिन्होंने 1990‑के दशक में अनजाने शवों की जलाने की घटनाओं को उजागर किया था। दिलजीत दोसांझ, अर्जुन रामपाल, सुविंदर विक्की और गीतीका विद्या ओह्ल्यान जैसे बड़े सितारों ने भी इस प्रोजेक्ट में काम किया है। फिल्म ने दर्शकों को उस समय की सशस्त्र संघर्ष, गुप्त हत्याओं और अनैतिक हिरासत की सच्चाई दिखाने की कोशिश की, जिससे कुछ राजनीतिक वर्गों में असहजता पैदा हुई।
बैन के पीछे का सरकारी कारण
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने ज़ी5 को “सुरक्षा संबंधी चिंताओं” और 2021 के सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत “इंटरमीडिएरी गाइडलाइन” का पालन करने का निर्देश दिया। 2022 में फिल्म को सर्टिफिकेशन बोर्ड (CBFC) से मंजूरी नहीं मिली थी, क्योंकि निर्माता ने बोर्ड द्वारा सुझाए गए 127 कट्स को लागू करने से इनकार कर दिया था। इस कारण से फिल्म को ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म पर वैकल्पिक शीर्षक के साथ रिलीज़ किया गया, जो बाद में विवाद का कारण बना।
कान्वलजीत का प्रतिक्रिया और भविष्य की राह
कान्वलजीत ने कहा, “जो भी कारण हो, वे सच्चाई को पचाने में असमर्थ हैं। बैन करने से केवल जिज्ञासा बढ़ती है और लोग फ़ाइलें डाउनलोड करके पाइरेसी को बढ़ावा देते हैं।” उन्होंने आगे बताया कि निर्माता अब न्यायालय में मामला ले जाने की योजना बना रहे हैं, ताकि फिल्म को फिर से सार्वजनिक मंच पर लाया जा सके। “स्वतंत्रता की बात है, लेकिन जब आवाज़ दबाई जाती है तो लोकतंत्र को नुकसान होता है,” उन्होंने निष्कर्ष निकाला।
नसीरुद्दीन शाह के साथ विशेष मुलाकात
एक रोचक मोड़ में, कान्वलजीत ने बताया कि इस फिल्म के बाद उनका नाम दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने लिया। नसीर ने पंजाबी में अपनी प्रशंसा जताई, जिससे दोनों के बीच हँसी-खुशी का माहौल बना। इस प्रशंसा ने कान्वलजीत को नई ऊर्जा दी और उन्होंने कहा, “नसीर जैसे दिग्गज से सराहना मिलना मेरे करियर का एक महत्वपूर्ण क्षण है।”