दिल्ली उच्च न्यायालय ने राजपाल यादव के खिलाफ चेक बाउंस मामलों में सजा को बरकरार रखा, उन्हें तीन महीने की जेल की सजा और प्रत्येक मामले में 1 करोड़ रुपये से अधिक की भरपाई का आदेश दिया। अदालत ने पहले दिए गए 2 करोड़ रुपये के भुगतान को घटाकर अंतिम देय राशि तय की।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • राजपाल यादव को तीन महीने की जेल की सजा सुनाई गई
  • प्रत्येक सात शिकायतों में 1 करोड़ रुपये से अधिक की भरपाई का आदेश
  • पहले से भुगतान किए गए 2 करोड़ रुपये को घटाकर अंतिम राशि तय

दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को राजपाल यादव के खिलाफ चेक बाउंस मामलों में सजा को बरकरार रखा, जिससे अभिनेता को तीन महीने की जेल की सजा सुनाई गई। न्यायाधीश स्वराना कांता शर्मा ने यह भी निर्देशित किया कि सातों शिकायतों में प्रतिवादी को प्रत्येक शिकायतकर्ता को 1 करोड़ रुपये से अधिक की राशि चुकानी होगी।

पृष्ठभूमि और पूर्व निर्णय

यह मामला 2018 में शुरू हुआ जब सत्र अदालत ने राजपाल यादव को 6 महीने की जेल की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में हाई कोर्ट ने 2024 में अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया था। उस समय अदालत ने अभिनेता को “सच्ची और वास्तविक” उपाय अपनाने का निर्देश दिया था, ताकि प्रतिवादी पक्ष के साथ समझौता संभव हो सके। यादव ने बताया कि यह चेक एक फिल्म के उत्पादन हेतु जारी किया गया था, जो बॉक्स ऑफिस पर विफल रहा और उन्हें भारी वित्तीय नुकसान हुआ।

हालिया विकास

हाई कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि अब तक अभिनेता द्वारा भुगतान किए गए लगभग 2 करोड़ रुपये को घटाकर शेष राशि तय की जाएगी। साथ ही, अदालत ने यादव को दो महीने का समय दिया गया है, जिससे वह इस निर्णय के विरुद्ध अपील कर सकें। न्यायालय ने 2 फरवरी को यादव को सादर करने का आदेश दिया था, क्योंकि वह बार-बार अदालत के प्रतिज्ञा‑भंग कर रहा था। 16 फरवरी को कोर्ट ने उनकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था, जब उन्होंने 1.5 करोड़ रुपये प्रतिवादी के बैंक खाते में जमा कर दिए थे।

भविष्य की संभावनाएँ

यदि अपील विफल रहती है, तो राजपाल यादव को निर्धारित समय सीमा के भीतर जेल में रहना पड़ेगा और साथ ही आर्थिक दायित्व भी पूरा करना होगा। यह फैसला मनोरंजन उद्योग में वित्तीय अनुशासन के महत्व को रेखांकित करता है, विशेषकर जब कलाकार बड़े प्रोजेक्ट्स में निवेश करते हैं। न्यायिक प्रक्रिया की इस दिशा से भविष्य में इसी प्रकार के मामलों में सख्त रुख की उम्मीद की जा सकती है।