टाटा मोटर्स पासेंजर व्हीकल्स लिमिटेड ने FY31 तक 20% बाजार हिस्सेदारी और 12 लाख वार्षिक बिक्री हासिल करने की योजना घोषणा की। कंपनी ने अगले पाँच वर्षों में छह नए मॉडल और 20 से अधिक रिफ्रेश लॉन्च कर इलेक्ट्रिक वाहन को कुल बिक्री का 30% तक बढ़ाने का इरादा जताया है।
निवेशक सभा में टाटा मोटर्स पासेंजर व्हीकल्स (TMPV) के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने FY20‑FY31 के एक दशक में कंपनी को 10 गुना विस्तार करने का लक्ष्य रखा। उन्होंने बताया कि 2026 में 14.2% के बाजार हिस्सेदारी के साथ कंपनी पहले वर्ष में दूसरे नंबर पर पहुंच गई है, जबकि 2020 में यह सिर्फ 4.8% थी।
रणनीतिक विस्तार और नई उत्पाद श्रृंखला
चंद्रशेखरन ने छह नए नामप्लेट और 20 से अधिक मौजूदा मॉडलों के रिफ्रेश की घोषणा की। इन लॉन्चों से TMPV का पोर्टफोलियो विविध होगा, जिससे मध्यम और प्रीमियम वर्गों दोनों को आकर्षित करने की उम्मीद है। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य न केवल मात्रा में वृद्धि, बल्कि प्रीमियम मार्जिन को भी दो‑अंकीय EBITDA स्तर तक ले जाना है।
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में प्रगति
इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर में टाटा मोटर्स ने उल्लेखनीय प्रगति की है। FY18 में औसतन 100 यूनिट प्रति माह की बिक्री से लेकर जून 2026 में 15,000 यूनिट प्रति माह तक की वृद्धि हुई है, जिससे EV कुल बिक्री का 30% से अधिक भाग ले रहा है। सात साल लगातार EV बाजार में नेतृत्व बनाए रखने की कंपनी की क्षमता, अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के सामने भी मजबूत बनी हुई है।
जैगर लैंड रोवर (JLR) के साथ सहयोग
जैगर लैंड रोवर ने भी कठिन आर्थिक माहौल, टैरिफ और साइबर घटनाओं के बावजूद नई पीढ़ी के मॉडल विकसित करने में प्रगति की है। TMPV‑JLR संयंत्र, पनापक्कम (तमिलनाडु) में संचालन शुरू होने से दोनों ब्रांडों के बीच निर्माण, तकनीक और मानव संसाधन के साझा लाभ को सुदृढ़ किया जाएगा। यह सहयोग टाटा समूह को वैश्विक लक्ज़री सेगमेंट में भी प्रतिस्पर्धी बनाएगा।
वित्तीय सुधार और भविष्य की दृष्टि
FY20 में 4,000 करोड़ रुपये के नकदी खर्च से FY26 में 2,000 करोड़ रुपये के अधिशेष तक पहुंचना, टाटा मोटर्स की वित्तीय मजबूती का स्पष्ट संकेत है। कंपनी ने न केवल लागत संरचना को सुधारते हुए राजस्व को छह गुना बढ़ाया, बल्कि ब्रांड वैल्यू और ग्राहक अनुभव को भी डिजिटल तकनीकों के माध्यम से पुनः परिभाषित किया है।
आगामी पाँच वर्षों में 12 लाख वाहन की वार्षिक बिक्री, 20% बाजार हिस्सेदारी और दो अंकीय EBITDA मार्जिन हासिल करने की योजना, टाटा मोटर्स को भारतीय ऑटोमोटिव उद्योग में नई प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति प्रदान कर सकती है।